बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2018

बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना 2018 (Bihar Mukhyamantri Harit Krishi Sanyantra Scheme in Hindi)

किसान कृषि से सम्बंधित मशीनों को खरीदने के लिए अक्सर असमर्थ होते हैं, जिससे उन्हें कृषि कार्य में कई अड़चने आती हैं, और उसका असर कृषि पर भी पड़ता है. लेकिन बिहार राज्य सरकार, अपने राज्य के किसानों की मुश्किलों को कम करते हुए मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना लेकर आ रही है, जिसके तहत वे सभी किसान जोकि आर्थिक रूप से कमजोर हैं, सीधे राज्य सरकार से कृषि से सम्बंधित मशीनों को किराए पर ले सकते हैं. और इसके लिए उन्हें केवल नाममात्र का किराया देना होगा.

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लांच की जानकारी (Launched Details)

1. नाम बिहार मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना
2. लांच 24 अगस्त, 2018
3. घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा
4. योजना को जारी किया जायेगा सन 2018 से 2020 तक
5. लाभार्थी बिहार के किसान
6. सम्बंधित विभाग कृषि विभाग एवं बिहार राज्य सरकार

 

विशेषताएं (Features)

  • किसानों की सहायता :- जिन किसानों के पास कृषि के लिए खुद की मशीनें नहीं होती है, एवं उसे लेने के लिए वे सक्षम नहीं है, तो उन्हें अब इस योजना के आने से अन्य किसानों से उच्च दरों पर मशीनें किराए पर लेने की कोई आवश्यकता नहीं है. इसके बजाय वे राज्य सरकार से नाममात्र का किराया का भुगतान कर मशीनें ले सकते हैं, और अपना काम आगे बढ़ा सकते हैं. यह किसानों की सहायता के लिए बिहार राज्य सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है.
  • राज्य में कृषि का विकास :- इस योजना के लागू होने से बिहार के आम किसान मशीनों का उपयोग कर अधिक फसलों का उत्पादन कर दोगुनी कमाई कर सकते हैं. इससे उनके विकास के साथ – साथ राज्य में भी कृषि का विकास होगा.
  • कृषि संयंत्र बैंक :- बिहार राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018 – 19 से 2019 – 20 के दौरान सभी प्राथमिक कृषि कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (पीएसीएस) में ‘कृषि संयंत्र बैंक’ स्थापित किये जाएंगे. यहाँ से किसान सीधे कृषि के लिए मशीनों को किराए पर ले सकते हैं. प्रत्येक कृषि संयंत्र बैंक के निर्माण के लिए कम से कम 20 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे.
  • फण्ड का वितरण :- राज्य सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए लगभग 1692.60 करोड़ रूपये खर्च करने का फैसला किया है. इस योजना के तहत प्राथमिक कृषि कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (पीएसीएस) द्वारा किसानों को 50 % राशि यानि 846.30 करोड़ रूपये लोन के रूप में दिए जायेंगे. एवं बची हुई 50 % राशि जोकि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी, उनमें से 25 % राशि यानि 423.15 करोड़ रूपये एलडी / यूडी प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा एवं बाकी बचा हुआ प्रोत्साहन अन्य रूप में दिया जायेगा.
  • पीएसीएस :- प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटी, भारत में एक बेसिक यूनिट एवं सबसे छोटा कोऑपरेटिव क्रेडिट संस्थान है, जोकि किसानों द्वारा किराए के रूप में दिए गये पैसे कमायेगा.

पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज (Eligibility Criteria and Required Documents)  

  • आवासीय पात्रता :- इस योजना का लाभ बिहार के किसानों को प्रदान किया जाना है. अतः इसके लिए आवेदन करते समय उन्हें अपना आवासीय प्रमाण जमा करना आवश्यक है.
  • पहचान के लिए :- इस योजना में जुड़ने वाले सभी किसानों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड की फोटोकॉपी आवेदन फॉर्म के साथ जमा करनी होगी.

राज्य सरकार द्वारा जल्द ही इस योजना में किसानों की योग्यता एवं इसमें उपयोग होने वाले आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची की जानकारी दी जाएगी.

योजना में आवेदन करने का तरीका (How to Apply For The Scheme)

इस योजना की अधिकारिक तौर पर घोषणा बिहार केबिनेट कमिटी द्वारा की गई है. इस योजना में स्थापित किये जाने वाले कृषि संयंत्र बैंक के निर्माण में कुछ समय लगेगा. इसलिए इस योजना को लागू करने की एवं इसमें आवेदन करने की प्रक्रिया की घोषणा अभी नहीं की गई है. जैसे ही इसकी घोषणा की जाएगी, हम इस लेख के जरिये सारी जानकारी को अपडेट कर देंगे.

कुछ समय पहले सरकार ने किसानों की आय को दोगुनी करने का फैसला लिया था. ऐसे में यह योजना का लागू होना, इसके लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है. अतः इस योजना से राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने एवं सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना है.

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