रिज़र्व बैंक में बैंक के खिलाफ शिकायत कैसे करें?

रिज़र्व बैंक में बैंक के खिलाफ शिकायत कैसे करें [RBI CMS Application] (How to complain RBI against bank in hindi) File Complaints Online with Ombudsman Against Banks

आज के समय में हम अपने अधिकतर वित्तीय कामों के लिए बैंकों पर निर्भर रहते हैं। बहुत से बैंक होते हैं जो अपने ग्राहकों के साथ सही बर्ताव नहीं करते हैं। कभी-कभी बैंकों द्वारा अकाउंट खोलने या फिर बंद करने के समय आनाकानी दिखाने की वजह से उपभोक्ता बेहद परेशान हो जाते हैं। कई बार वे बिना बताए कोई ऐसे चार्जेस उनके बैंक एकाउंट की राशि में से काट लेते हैं जिसके बारे में उन्हें कोई भी सूचना नहीं दी जाती है। ऐसे बहुत से काम होते हैं जिसकी वजह से उपभोक्ता बैंकों की हरकतों से परेशान हो जाते हैं और समझ नहीं पाते हैं कि उनके खिलाफ कहां शिकायत दर्ज कराई जाए।

कुछ कम पढ़ें लोगों को बैंक के काम समझ नहीं आते हैं जिसकी वजह से वे उनसे बार-बार पूछताछ करने के बाद ही अपने काम पूरे कर पाते हैं। जिसकी वजह से बैंक कर्मचारी परेशान हो जाते हैं और उनसे दुर्व्यवहार करने लगते हैं, अक्सर ऐसा सरकारी बैंकों में देखा गया है। ऐसे उपभोक्ता जिन्हें बैंकों से जुड़ी जानकारी कम होती है वह अपनी शिकायत लेकर किसी के पास नहीं जा पाते हैं।  और जो जानकार उपभोक्ता होते हैं उनको भी इस बात की जानकारी नहीं होती है कि वह अपनी शिकायत कहां पर दर्ज करा सकते हैं।

आज हम आपको बताएंगे बैंकों के द्वारा हुए गलत बर्ताव की शिकायत आप कैसे और कहां कर सकते हैं। जिससे आप बैंकों की धोखाधड़ी से बच सकते हैं और उनके द्वारा किए गए गलत कामों का जवाब उन्हें दे सकते हैं।

RBI CMS Application complaint against bank

आरबीआई द्वारा लांच किया नया शिकायत पोर्टल (RBI Complaint Portal)

आरबीआई ने उपभोक्ताओं के लिए बैंक से जुड़ी शिकायतों के लिए एक नया वेब पोर्टल तैयार किया है। यह वेब पोर्टल कंप्यूटर, लैपटॉप के साथ साथ मोबाइल फोन पर भी चलाया जा सकता है। इस वेब पोर्टल के जरिए उपभोक्ता बैंक और बाकी वित्तीय संस्थानों से जुड़ी सभी शिकायतें ऑनलाइन कर सकते हैं। आरबीआई गवर्नर द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान हेतु इस वेब पोर्टल को तैयार किया है जिसके जरिए वे अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करके अपनी समस्याओं का निवारण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण कितनी जल्दी और सही निकाला जा रहा है इस बात की निगरानी रखने के लिए एक समर्पित इंटरएक्टिव वॉइस सर्विस प्रणाली (IVR) शुरू करने की भी योजना चलाई जा रही है। इस प्रक्रिया के जरिए ग्राहकों की समस्या जल्द और सही तरीके से सुधारने की प्रक्रिया में बेहद सुधार आएगा। CMS  एप्लीकेशन एक ऐसा माध्यम है जो ऑटोजेनरेट होकर उपभोक्ताओं की शिकायतों में पारदर्शिता लाने में सम्पूर्ण योगदान देगा।

इसकी सहायता से सीएमएस उपभोक्ताओं की शिकायत को ट्रैक करने में सक्षम रहेगा, साथ ही लोकपाल तक उपभोक्ताओं की शिकायतें पहुंचाने में सहयोग देगा।

RBI CMS App – बैंकों / NBFC के खिलाफ शिकायत दर्ज कैसे करें –

बैंक उपभोक्ताओं की सभी समस्याओं के बारे में जानने के लिए सीएमएस द्वारा यह ऐप तैयार की गई है। आइए जान लेते हैं इस ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया….

  • सबसे पहले आपको अपनी बैंक से जुड़ी किसी भी शिकायत को दर्ज कराने के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.rbi.org.in/HOME.ASPX पर जाना होगा।
  • साईट पर जाने के बाद आप सीधे होमपेज पर पहुंच जाएंगे। फिर आपको बाय ओर दिखने वाले बटन “Lodge A Complaint” पर क्लिक करना होगा। या फिर आप सीधे शिकायत प्रबंधन प्रणाली के लिए https://cms.rbi.org.in/cms/IndexPage.aspx?aspxerrorpath=/cms/cms/indexpage.aspx पर क्लिक कर सकते हैं।
  • उसके बाद चित्र में दिखाएं अनुसार बायीं ओर सीएमएस शिकायत दर्ज फाइल ओपन करे। फिर वहां पर दिखने वाले बटन “फाइल ए शिकायत” पर क्लिक करें।
  • आप बैंक के खिलाफ किस तरह की शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं उसका चयन करें और प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
  • उसके बाद आप किस बैंक के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराने वाले हैं उसके बारे में पूरी जानकारी भर दे।

सार्वजनिक बैंकों जैसे वाणिज्यिक बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों और एनबीएफसी के साथ किसी भी तरह की शिकायत आप एक ही जगह दर्ज करा सकते हैं। यदि आप पूरी प्रक्रिया के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा लेते हैं तो उसके बाद आपकी शिकायत आरबीआई के लोकपाल/ क्षेत्रीय कार्यालय के उपयुक्त अधिकारी तक पहुंचा दी जाती है।

आरबीआई पोर्टल पर सीएमएस एप्लीकेशन सुविधाएँ (CMS Application Features at RBI Portal)

 आइए अब जान लेते हैं सीएमएस प्रक्रिया की महत्वपूर्ण विशेषताओं के बारे में….

  • RBI द्वारा चालू की गई सीएमएस एप्लीकेशन के जरिए एसएमएस, ईमेल के जरिए आप अपनी शिकायत को ट्रैक करने में सक्षम हो पाते है।
  • सीएमएस ऐप द्वारा उपभोक्ताओं की अधिकतम समस्याओं का समाधान आसानी से निकाला जाता है जिससे उपभोक्ताओं को संतुष्टि की प्राप्ति हो सकती है।

बैंक और बैंक कर्मचारी द्वारा धोखाधड़ी होने पर आप इन 3 तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं… 

  • सबसे पहले अपने बैंक में एक लिखित शिकायत दर्ज करें। आपके साथ बैंक या बैंक के कर्मचारियों द्वारा जो भी दुर्व्यवहार या फिर अन्याय हुआ है उसके खिलाफ आप अपने बैंक में है लिखित शिकायत दर्ज कराए। हर बैंक में एक शिकायत सेल होता है जहां पर जाकर आप अपनी शिकायत लिखित रूप में दे सकते हैं।
  • दूसरा तरीका यह है बैंक के टोल फ्री नंबर द्वारा अपनी शिकायत निशुल्क करा सकते हैं। प्रत्येक राष्ट्रीय बैंक का एक टोल फ्री नंबर होता है जिसके द्वारा उपभोक्ता अपनी शिकायतों की अर्जी टोल फ्री नंबर द्वारा जमा करा सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के बाद आप अपनी कंप्लेंट आईडी प्राप्त करना ना भूले।
  • यदि आप किसी बैंक कर्मचारी से परेशान है और अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो आप अपनी शिकायत बैंक की वेबसाइट के जरिए भी दर्ज करा सकते हैं। वेबसाइट के जरिए आपकी शिकायत सीधे बैंक अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। आपकी समस्या का समाधान भी जल्द से जल्द करने की कोशिश करते हैं। उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली कंप्लेंट आईडी आप को संभाल कर रखनी होगी।

ऊपर बताई गई है तीनों प्रक्रिया लगभग 30 दिनों के अंतराल में पूरी होती हैं।  इन प्रक्रियाओं द्वारा उपभोक्ताओं की समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाता है परंतु कुछ उपभोक्ता ऐसे भी होते हैं जिनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। ऐसे उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर लोकपाल के पास जा सकते हैं।

लोकपाल के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया

 यदि आप लोकपाल के अंतर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले अपने बैंक के लोकपाल क्षेत्र का ज्ञान होना आवश्यक है। यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड या बैंक की किसी अन्य समस्या को लेकर शिकायत दर्ज करना चाहते हैं तो उसके लिए आवश्यक है कि आपके पास क्षेत्रीय अधिकार के रूप में उपभोक्ता का बिलिंग एड्रेस होना आवश्यक है।

आप अपने बैंक से जुड़ी किसी भी शिकायत को लोकपाल तक पहुंचाने के लिए एक साधे कागज पर अपनी शिकायत लिख कर भेज सकते हैं। इसके अलावा आप आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं या फिर ईमेल के जरिए भी अपनी शिकायत लोकपाल तक पहुंचा सकते हैं।

आपकी शिकायत रद्द भी की जा सकती है

  1. उपभोक्ताओं की शिकायत लोकपाल द्वारा रद्द भी की जा सकती है यदि उन्होंने अपने बैंक से अपनी शिकायत के बारे में नहीं बताया हो।
  2. उपभोक्ता की शिकायत रद्द करने की एक परिस्थिति यह भी हो सकती है कि उनकी शिकायत पहले से ही किसी और कानूनी दायरे में दर्ज की जा चुकी हो जैसे अदालत या कोई कानूनी फोरम।
  3. उपभोक्ता की शिकायत रद्द करने का एक कारण यह भी दिया जा सकता है कि उनकी शिकायत को काफी लंबा समय बीत चुका है लगभग 13 महीने से अधिक तो उनकी शिकायत लोकपाल द्वारा रद्द कर दी जाती है।

क्षतिपूर्ति सीमा

वैसे तो अब तक लोकपाल द्वारा क्रेडिट कार्ड से संबंधित कोई शिकायत दर्ज कराने की अनुमति दी गई है। परंतु यदि बैंक द्वारा कोई बड़ी शिकायत आप लोकपाल में दर्ज कराते हैं तो इसके बदले आप को 10 लाख रुपए तक का भुगतान बैंक द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त यदि आपको बैंक द्वारा मानसिक प्रताड़ना मिली है तो इसके बदले आप को बैंक द्वारा ₹1 लाख का मुआवजा दिया जाता है।

कानूनी मार्ग

यदि आप लोकपाल द्वारा आपकी समस्या के समाधान से खुश नहीं हैं, तो आप अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष 30 दिनों के भीतर दोबारा से एक शिकायत दायर कर सकते हैं। इस मामले में अपीलीय प्राधिकारी आरबीआई के डिप्टी गवर्नर हैं। दूसरा तरीका यह भी है कि आप उपभोक्ता निवारण मंचों से संपर्क कर सकते हैं, जो बैंक से संबंधित शिकायतें और यहां तक ​​कि अदालतों में दर्ज मुद्दों की सुनवाई भी करते हैं।

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One comment

  1. Modi ji mujhe loan nahi mil raha hai ram jaane ki kripa Karen bahut pareshan hai business karna chahte hain

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