कोरोना लॉक डाउन में फंसे हजारों मजदूर और छात्र पहुंच सकेंगे घर, जानिए कैसे

कोरोना लॉक डाउन में फंसे हजारों मजदूर और छात्र पहुंच सकेंगे घर जानिए कैसे
हमारे भारत देश में दिन प्रतिदिन कोरोना का संकट विकराल रूप धारण करते हुए नजर आ रहा है और ऐसी परिस्थिति में लॉकडाउन 2 शुरू हो गया था।भारत देश में कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए पहली बार 24 मार्च 2020 को पहला लॉकडाउन 21 दिन का था ,जो 14 अप्रैल को खत्म किया जाने वाला था, परंतु कोरोना के बढ़ते संकट को नजर में रखते हुए इस 21 दिन के लॉकडाउन को 14 अप्रैल से 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।लॉकडाउन को बढ़ाने की जानकारी स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता को दी। मगर लॉकडाउन को बढ़ाने के बाद से उन लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई जो लोग अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं ।
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देश में लॉकडाउन को बढ़ाने से भी कोरोना का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है ,ऐसे में फंसे हुए लोगों को खाने , रहने एवं अपने दिनचर्या को बिताने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों ने सरकार से अपील की थी , कि उन्हें अपने-अपने घरों को वापस लौटने के लिए सरकार अनुमति दें और आवश्यक सुविधाएं शुरू करें।

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सरकार किस प्रकार से लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को वापस घर भेजेगी ?

लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों ने सरकार से की अपील की थी , कि उन्हें अपने-अपने घरों को वापस लौटने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाए और वह लोग सही सलामत अपने घरों को लौट सकें। सरकार ने सभी फंसे हुए लोगों की परेशानियों को समझते हुए गृह मंत्रालय की ओर से ऐसे लोगों को अपने-अपने राज्यों तक पहुंचाने के आदेश जारी किए हैं ।

सरकार ने राज्यों, केंद्र शासित राज्यों के क्षेत्रों में छात्र , प्रवासी मजदूर और पर्यटन सेनानी को निकालने के लिए अंतरराज्यीय यात्राएं शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से यह बड़ी मिलने वाली राहत में उन्होंने यह बताया है , कि सभी फंसे हुए व्यक्तियों को चिकित्सीय रूप से जांचा जाएगा और घर पहुंचने से पहले उन्हें क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने केंद्र सरकार से बातचीत करके लोगों को घर जाने के लिए आवश्यक व्यवस्था और ट्रेन की सुविधाएं प्रदान करने का भी कहा हैं ।

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लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को गृह मंत्रालय ने बाहर निकालने के लिए किस प्रकार से गाइडलाइंस को जारी किया है

देश में लॉकडाउन खत्म होने की अंतिम तारीख 3 मई रखी गई है और इस बीच केंद्र और गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है , जो इस प्रकार निम्नलिखित है।

  • भारत सरकार ने सभी राज्य एवं केंद्र शासित राज्यों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने का आदेश जारी किया है और उन अधिकारियों को सरकार द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में पहुंचने वाले लोगों का ब्यौरा भी नोडल अधिकारी को अंकित करना होगा और इस डाटा को सरकार को सभी नोडल अधिकारियों को ब्योरें के रूप में दिखाना होगा।
  • लॉकडाउन में समूह के रूप में अलग राज्य में जो लोग फंसे हुए हैं , उन्हें अपने राज्य में वापस लौटने के लिए जिस राज्य में वह फंसे हुए हैं उस राज्य और जिस राज्य में फंसे हुए लोग वापस लौटना चाहते हैं उस राज्य की आपसी सहमति से लोगों के समूह को सड़क मार्ग द्वारा भेजने का प्रावधान है। साधारण शब्दों में दोनों राज्यों की सहमति से फंसे हुए लोग सड़क मार्ग से अपने घर को वापस जा सकते हैं।
  • सरकार के आदेश अनुसार फंसे हुए व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी संपूर्ण रूप से स्क्रीनिंग की जाएगी और यदि वह पूरी तरह से स्वस्थ पाया जाता है , तो उसे वापस लौटने की मंजूरी बड़ी आसानी से प्रदान की जाएगी।
  • लॉकडाउन में फंसे हुए प्रवासी मजदूर , यात्रियों और छात्रों के समूह को बस द्वारा ही भेजे जाने का प्रावधान है। सरकार ने सख्त आदेश दिए हैं , कि बसों का भेजने के लिए इस्तेमाल करने से पहले सभी बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज करना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त यात्रा के दौरान सरकार ने सख्त आदेश दिया है , कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सभी यात्रियों को करना आवश्यक होगा।
  • फंसे हुए लोगों के लिए नई गाइडलाइन के अनुसार सरकार ने कहा है , कि रास्ते में पड़ने वाले राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें उस राज्य के यात्रा वाहन को रास्त देंगे जहां पर वह यात्रा वाहन जा रही होगी।
  • सरकार की गाइडलाइन के अनुसार यात्रा करने वाला यात्री स्मार्टफोन का प्रयोग करता है , तो उसके स्मार्टफोन के अंदर आरोग्य सेतु एप का होना आवश्यक होगा।
  • सरकार में यह सख्त आदेश दिया है , कि जब कोई यात्री अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाए , तो वहां के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी होगी कि उस व्यक्ति की विशेष रूप से स्वास्थ्य की ट्रैकिंग की जाए। सरकार ने कहा है , कि आरोग्य सेतु ऐप के जरिए यात्री को ट्रैक किया जाएगा।

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ध्यान दें :- यदि सरकार द्वारा जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाता है , तो लॉकडाउन में फंसा हुआ , व्यक्ति अपने घर को बड़ी ही आसानी से वापस लौट सकेगा।

विशेष जानकारी :- इस आपातकालीन स्थिति में हमारे देश के प्रत्येक नागरिकों का कर्तव्य बनता है , कि वह सरकार के द्वारा जारी किए गए सभी निर्देश का पालन करें।सरकार और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करके हम अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

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