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Dial FIR Yojana Uttar Pradesh In Hindi

उत्तर प्रदेश में डायल एफआईआर योजना “फोन करके एफ़आईआर (शिकायत) कैसे दर्ज करें?” (Dial FIR Scheme Uttar Pradesh In Hindi ) How to Register Online Complain (e-FIR)

भारत में सबसे ज्यादा क्राइम होने वाले राज्यों में से एक नाम उत्तर-प्रदेश का भी हैं. हालांकि वहाँ किसी भी आपदा को सम्भालने के लिए पुलिस और प्रशासन हमेशा तैयार रहता हैं लेकिन आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए इतना काफी नहीं हैं. क्योंकि अपराधिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग टाइम में होने वाली देरी से अपराधियों को ना केवल पुलिस के पहुँचने से पहले ही भागने का मौका मिल जाता हैं बल्कि अपराध को छूपाने के लिए भी काफी समय मिल जाता हैं, इसलिए राज्य की सरकार ने एक नयी स्कीम बनाई हैं जिससे लोगों को तुरंत एफआइआर लिखवाने में आसानी होगी. इस योजना के अंतर्गत आम-नागरिक अपनी शिकायत पोर्टल या हेल्पलाईन की मदद से दर्ज करवा सकते हैं,जिससे उन्हें पुलिस स्टेशन का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.

योजना का नामडायल एफआइआर स्कीम
लांच की जगहउत्तर प्रदेश
इनके द्वारा लांच हुईमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
घोषणा की तिथिसितम्बर 2018
निरीक्षकउत्तरप्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट

 योजना की मुख्य विशेषताएं (Key features of the scheme)

  1. पुलिस की क्षमता को बढाना: राज्य सरकार पुलिस विभाग को ज्यादा से ज्यादा शक्ति देना चाहती हैं,जिससे ना केवल उनकी कार्य-क्षमता बढ़े बल्कि अपराधियों में पुलिस का खौफ भी बने.
  2. लोगों के हाथ में शक्ति देना : इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह हैं कि लोग क्राइम के बारे में रिपोर्ट करे,एफआईआर के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन फेसिलिटी से सामान्य-जन अपराध की सूचना आसानी से और तुरंत दे सकेंगे,जिससे अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सकेगा. 
  3. एफआईआर के लिए 2 मॉडर्न सिस्टम: प्रोजेक्ट के अंतर्गत आम-जन को शिकायत दर्ज करवाने के लिए 2 तरह की सुविधा मिलेगी,इसके लिए वो पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर की सहायता ले सकेंगे.
  4. ऑफिसर के लिए आई-पैड : इस योजना के अंतर्गत लगभग 22,000 पुलिस ऑफिसर्स को आई-पैड दिए जायेंगे,इस गैजेट की सुविधा से वो कुछ ही सेकंड्स में अपराधियों का डाटाबेस तैयार कर सकेंगे.
  5. क्रिमिनल डेटाबेस : पुलिस विभाग अपराधियों का डेटाबेस तैयार करेगा,इसमें पूरे एरिया और अन्य स्थानों के भी लगभग एक लाख तक के अपराधियों की जानकारी होगी. डेटाबेस में अपराधियों के फिजिकल पहचान उनके अपराध और उनसे जुडी हर रिपोर्ट की जानकारी होगी. 
  6. कुछ अपराधों के लिए : डायल फायर स्कीम कुछ विशेष अपराधों जैसे मर्डर और किडनेपिंग के लिए ही लागू होगी,अन्य अपराधों के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारम्परिक तरीके से रिपोर्ट लिखवानी होगी. हालाँकि लूट,चोरी, या कोई महत्वपूर्ण सामान और डोक्यूमेंट के गुम हो जाने की स्थिति में भी ये प्रक्रिया अपनाई जा सकती हैं.
  7. पायलट बेसिस इम्प्लीमेंटेशन : यूपी सरकार इस योजना को लागू करने से पहले इसकी जांच करना चाहती हैं, इसलिए 2 महीने तक गाजियाबाद में इस योजना को लागू किया जाएगा.
  8. वेरिफिकेशन सर्विस का नंबर : इस योजना के अंतर्गत पुलिस लगभग 22 अलग-अलग वेरिफिकेशन नंबर देगी. .

योजना का क्रियान्वयन कैसे होगा??How will this scheme come in handy?

जब कोई ऑनलाइन एफआईआर फ़ाइल करेगा तो पुलिस इस पर तुरंत एक्शन लेगी, न्याय और कानून विभाग ने कहा हैं कि नॉर्मल एफआईआर और ऑनलाइन एफआईआर को एक जैसी ही इम्पोर्टेंस दी जाएगी. पुलिस ऑफिसर के पास अपराधी का क्रिमिनल डेटाबेस पहले से तैयार होगा,इसलिए उन्हें एक-एक रिकॉर्ड चेक करने की जरूरत नहीं होगी. पुलिस अपराध वाली जगह पर पहुँचकर वहाँ की फोटो लेंगे,और तुरंत उस पर काम शुरू करेंगे. घटना-स्थल पर मौजूद लोगों से सिस्टम में उपलब्ध फोटो दिखाकर अपराधी की पहचान खोजने की कोशिश की जाएगी. इससे पुलिस ऑफिसर को संदिग्धों की एक लिस्ट तैयार करने में आसानी होगी,जिसे वो वहाँ पर मौजूद लोगों को दिखा सकेंगे,इससे अपराधी को पहचानने की प्रक्रिया में तेजी आएगी,और पुलिस जल्द से जल्द अपराधी तक पहुँच सकेगी.

एफआईआर के लिए रजिस्टर कैसे करे?(How to register  FIR?)

इस योजना के अंतर्गत लोगों को शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस स्टेशन नही जाना होगा वो अपनी एफआईआर ऑफिशियल पोर्टल या हेल्पलाइन की सहायता से भी दर्ज करवा सकते हैं. यूपी सरकार ने अब तक ई-एफआईआर के लिए एफआईआर पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर के बारे में कुछ नही बताया हैं,लेकिन इसके बारे में जानकारी मिलते ही हम सबसे पहले यहाँ पर शेयर करेंगे.

एंटी-टेररिस्ट एक्टिविटी (Anti-terrorist activities)

यूपी पुलिस विभाग सामान्य पुलिस के कामों के संचालन के अतिरिक्त पुलिस-मेन को स्पेशल ट्रेनिंग भी देगा. जिससे पुलिस कार्मिकों को आतंकवादी गतिविधियों को सम्भालने में भी आसानी होगी. एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) और स्पेशल वेपन एंड टेक्टिस (SWAT) जल्द ही बनाया जाएगा. राज्य में प्रशासन अभी 118 स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग पर काम कर रहा हैं,और पहली बार यही ट्रेनिंग महिला कमांडो को भी दी जाएगी.

स्पॉट्स (स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम) भी राज्य के पुलिस विभाग को सशक्त बनाएगी. ये टीम जल्द ही  लखनऊ,गोरखपुर,मेरठ,इलाहाबाद और कानपूर में तैनात की जायेगी,और इन टीमों को पर्याप्त प्रशिक्षण मिलेगा.

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Tags: Uttar Pradesh
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