लोन गारंटी स्कीम (आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना) 2021

लोन गारंटी स्कीम (आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना 2021), ऋण गारंटी योजना क्या है, लोन (Emergency Credit Loan Guarantee Scheme) (Business Loan, Approval, Act in Hindi)

हमारे देश की सरकार ने आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा अब और अधिक बढ़ा दिया है तथा उसमें स्वास्थ्य के साथ-साथ दूसरे 27 क्षेत्रों को भी शामिल कर लिया गया है. इन सभी क्षेत्रों की पहचान कामत समिति के द्वारा की गई थी और अब नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी लिमिटेड ने ईसीएलजीएस 2.0 स्कीम का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक करने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं. इसके साथ ही सरकार ने इस महीने के शुरू में ही आत्मनिर्भर भारत 3.0 के अंतर्गत 2.65 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का एलान किया था ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके. फरवरी 2020 की स्थिति के अनुसार जिन इकाइयों पर एक माह या फिर उससे कम समय के दौरान बकाया कर्ज 50 करोड़ रुपए से लेकर 500 करोड़ रुपए तक है तो वह सभी इकाइयां इस योजना के लिए पात्र होंगी और ऋण का लाभ ले सकती हैं.

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ईसीएलजीएस 2.0 के तहत कर्ज की मियाद 5 साल

ईसीएलजीएस 2.0 के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले कर्ज की अवधि 5 वर्ष तक के लिए निर्धारित की गई है और इसके अलावा मूल राशि को लौटाने के लिए 12 महीने की छूट भी दी जाएगी और जानकारी दे दें कि कर्जदार या फिर इकाइयां अपने बकाया कर्ज का 20% तक का और अतिरिक्त कर्ज ले सकती हैं. यहां बता दें कि यह ऋण पूर्ण रूप से बिना गारंटी के आपात स्थिति में मुहैया कराया जाएगा तथा इसके लिए किसी भी प्रकार की गारंटी देने की भी आवश्यकता नहीं होगी.

कुल बकाया कर्ज 50 करोड़ रुपए तक पर मिलेगा फायदा

यहां जानकारी के लिए बता दें कि ईसीएलजीएस 2.0 के साथ-साथ यह फैसला भी लिया गया है कि ईसीएलजीएस 1.0 का फायदा केवल उन इकाइयों को मिलेगा जिन पर कुल बकाया ऋण फरवरी 2020 तक 50 करोड़ रुपए तक का होगा और इसके साथ-साथ वह सभी इकाइयां पूर्व में 250 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के वार्षिक कारोबार के लिए पात्रता नहीं रखते थे. यहां बता दें कि सरकार ने इसके लिए कोई और शर्त और मानदंड नहीं रखे गए हैं और ना ही उनमें कोई बदलाव ही किया गया है.

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बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने मंजूर किया इतना कर्ज़

यहां जानकारी दे दें कि बयान के अनुसार 12 नवंबर तक बैंकों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों ने 61 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए 2.05 लाख करोड़ रुपए का लोन स्वीकार किया और लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपए का कर्ज वितरित किया गया है. इसके साथ-साथ आपको बता दें कि कामत समिति का गठन रिजर्व बैंक ने किया था और इस समिति ने कई क्षेत्रों को कर्ज वितरण के लिए शामिल किया है जैसे कि रियल एस्टेट, औषधि, बिजली निर्माण, सीमेंट, होटल, रेस्टोरेंट, पर्यटन, वाहन कल-पुर्जे इत्यादि. इस प्रकार कामत समिति द्वारा जितने भी क्षेत्र कर्ज़ वितरित करने के लिए चुने गए हैं उन सभी क्षेत्रों को काफी अधिक लाभ होगा और उससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी काफी अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

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