हमारा घर हमारा विद्यालय योजना मध्यप्रदेश : अब हर घर में बजेगी स्कूल की घंटी, जानिए क्या है टाइम टेबल

मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों की घर से पढाई हो सके, इसके लिए एक योजना की घोषणा की है, योजना का नाम है हमारा घर हमारा विद्यालय. सरकार चाहती है कि घर में रह कर ही बच्चे पढाई कर सकें, उनका साल ख़राब न हो. सरकार घरों में ही बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहती है. 6 जुलाई से घरों में ही बच्चे और शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर पढाई करेंगें.

कोरोना महामारी के चलते मार्च से सभी स्कूल/कॉलेज को बंद कर दिया गया था. वैसे तो 1 जुलाई से सभी स्कूल खुल जाते है, लेकिन इस बार सभी विद्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है. केंद्र सरकार ने 31 जुलाई तक सभी स्कूलों को बंद रखने का ऐलान किया है. 31 जुलाई को प्रत्येक प्रदेश में फिर से अधिकारीयों की मीटिंग होगी, और तत्कालीन स्थिति को देखते हुए आगे स्कूल खुलेगा या नहीं, तब तय किया जायेगा. लॉकडाउन दौरान सबसे ज्यादा जो नकारे गए है, वो है बच्चे. महामारी से बचने के लिए सरकार हमेशा बच्चों को घर में ही रखने की हिदायत देते आई है. बच्चों की पढाई पर इसका बहुत असर हो रहा है, कुछ स्कूलों ने तो ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी थी, लेकिन सरकार ने फिर कक्षा 1 से 5 वी तक बच्चों की ऑनलाइन क्लास बंद करने का ऐलान कर दिया था, क्यूंकि इसके द्वारा कई स्कूल जबरजस्ती अभिभावक से फीस ले रहे थे. चलिए हम जानते है योजना कैसे काम करेगी, इसका लाभ कैसे लिया जा सकता है.

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हमारा घर हमारा विद्यालय योजना की मुख्य बातें –

  • योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढाई को जारी रखना है. भले बच्चे स्कूल नहीं जा सकते है, लेकिन सरकार टेक्नोलॉजी के माध्यम से विद्यालय को ही घर पहुँच रही है. बच्चे की पढाई सुचारू रूप से चलती है, और उनका साल ख़राब न हो.
  • सरकार ने बताया है कि नर्सरी एवं केजी के बच्चों की ऑनलाइन क्लास नहीं लगेगी. क्लास 1 से 8 तक के बच्चों की क्लास शुरू होगी.
  • योजना के अंतर्गत बच्चों को पाठ्यक्रम भी दिया जायेगा, इसकी मदद से वो अध्यन करेंगे, अलग-अलग विषय पर कहानी लिखेंगें और साथ ही शिक्षक उनसे नोट्स भी बनवाएगी.
  • सरकार ने बच्चों के अभिभावकों से अनुग्रह किया है, कि वे बच्चों की पढाई के समय उनके साथ बैठें, और उनकी मदद करें.
  • योजना के अंतर्गत बच्चों की क्लास रोज सुबह 10 से शुरू होगी, जो 1-1 घंटे की होगी. इसके साथ ही बताया गया है कि क्लास शुरू होने से पहले स्कूल की घटी बजाई जाएगी, ताकि बच्चों को स्कूल जैसा ही लगे.
  • मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने हर एक क्लास के लिए टाइमटेबल बनाया है, जो अभिभावक को भी दिया जा रहा है. ताकि अभिभावक बच्चों को उस टाइम टेबल के अनुसार तैयार रख सकें.
  • इस योजना के अंतर्गत विभाग ने बताया है कि बच्चों को यहाँ सिर्फ पढाई बस नहीं कराइ जाएगी, बच्चों को पढाई के साथ-साथ अलग-अलग खेल, योग भी कराया जायेगा. उनके मनोरंजन के लिए विशेष कार्यक्रम से बच्चों को जोड़ा जायेगा.

मध्यप्रदेश में सरकार श्रमिक कार्ड बनवाकर दे रही है, जिससे उन्हें श्रमिक सेवाओं का लाभ मिल सकें. मध्यप्रदेश श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए यहाँ आवेदन करें.

हमारा घर हमारा विद्यालय योजना के लाभ –

  • योजना का लाभ सिर्फ मध्यप्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा.
  • जुलाई की शुरुवात से योजना शुरू हो रही है, जिससे प्रदेश के सभी विद्यार्थि लाभ ले सकते है.
  • योजना के अंतर्गत क्लास रोज सुबह 10 बजे से 1 बजे तक तीन अलग-अलग विषय पर क्लास चलेगी.
  • सोमवार से शुक्रवार जो क्लास लगेगी, उसमें बच्चों को पढ़ाया जायेगा. जबकि शनिवार को खेलकूद, मनोरंजन से जुडी हुई क्लास लगेगी, जिसे मनोरंजन की पाठशाला कहा जा रहा है.
  • योजना के अंतर्गत अधिकारी बच्चों, अभिभावक से फीडबैक भी लेंगें.

कक्षा 1 और 2 के लिए सोमवार से शुक्रवार के लिए समय स्लॉट निम्नानुसार हैं:

  • स्कूल टीचर अभिभावक के मोबाइल पर DIGILEP की विडियो लिंक भेजेंगें. 10 से 11 के बीच इस विडियो के द्वारा आपको जानकारी मिलेगी.
  • इसके बाद अगले 1 घंटे मतलब 11 से 12 रेडिओ कार्यक्रम के सुनना होगा.
  • इसके बाद शिक्षक बच्चों को अलग-अलग गतिविधियों और वर्कशीट की जानकारी देंगें, और उन्हें समझायेंगें.
  • सभी शिक्षकों की मीटिंग शाम 4 -5 के बीच होगी.
  • शाम को 7-8 के बीच अभिभावक को बच्चों को कहानियां सुनानी होंगी फिर उसे लिखना होगा
  • क्लास 3 से 8 का टाइम टेबल अभी तैयार हो रहा है.
  • शनिवार को मस्ती की पाठशाला होगी, जो आने वाले दिनों में शुरू हो जाएगी.

मध्यप्रदेश समग्र आईडी कार्ड मध्यप्रदेश में रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण आईडी है. इस आईडी के द्वारा बच्चों का दाखिला स्कूल में होता है, इसके दिखाकर आप आसानी से राशन कार्ड बनवा सकते है.

राज्य सरकार की इस योजना से बच्चों को उज्जवल भविष्य मिलेगा. बच्चों का मानसिक विकास होगा, लॉकडाउन के समय से बच्चे घर में रह रहे है, टीवी मोबाइल तक उनकी ज़िन्दगी सिमट गई है. घर में विद्यालय खुलने से उनका दिमाग दुनियावी बैटन से हटकर पढाई में लगेगा और उनका विकास होगा.

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