नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना महाराष्ट्र | Maharashtra Nanaji Deshmukh Krishi Sanjivani Yojana

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना महाराष्ट्र | Maharashtra Nanaji Deshmukh Krishi Sanjivani Yojana

महाराष्ट्र सरकार ने नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना मंजूरी दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य असामान्य जलवायु में होने वाली कृषि का प्रचार करना है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों को लाभ पहुचाना है. यह योजना महाराष्ट्र में उपस्थित 15 जिलों के 5142 गाँवो में लागू की जाएगी.

इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र में उपस्थित सुखे क्षेत्रो की पहचान की जाएगी और इस समस्या से छुटकारा पाने के उपाय भी खोजे जायेंगे. इसके अंतर्गत भूमि और पानी की उर्वरकता का भी परिक्षण किया जायेगा ताकि कृषि क्षेत्र में विकास संभव हो सके.

Maharashtra Nanaji Deshmukh Krishi Sanjivani Yojana

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना की लांच डिटेल :

इस योजना की घोषणा हाल ही में हुई है, सूत्रों के अनुसार नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना साल 2018-19 से शुरू होकर साल 2023-24 तक जारी रहेगी.

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना के मुख्य उद्देश्य :

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बदलती हुई जलवायु में कृषि उपज में वृध्दि कर छोटे और मध्यम किसानो का विकास करना है. इसके अलावा इस योजना के अन्य उद्देश्य मृदा की गुणवत्ता में सुधार करना., खाद्य धान की किस्मो का विकास करना, और क्षेत्र में उपलब्ध पानी के अनुसार खेती की तकनीको को अपनाना भी इस योजना के प्रमुख  उद्देश्य है. यह सारे प्रयास महाराष्ट्र को सुखामुक्त बनाने के लिए किये जा रहें है, आशा करते है की साल 2023-24 तक यह संभव हो पायेगा.

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना के मुख्य बिंदु :

  • यह कुल 4000 करोड़ रुपय का प्रोजेक्ट है, जिसमे वर्ल्ड बैंक द्वारा वित्तीय सहायता की जायेगी. इस योजना में 70 प्रतिशत (लगभग 2800 करोड़) वर्ल्ड बैंक द्वारा दिया जायेगा, इसके अलावा शेष खर्चा महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जायेगा.
  • यह योजना बदलती हुई जलवायु में की जाने वाली कृषि को प्रोत्साहन देगी, और यह क्षेत्रो को सुखा मुक्त बनाएगी. यह योजना महाराष्ट्र के 15 जिलों के 5142 गाँवो में लागू होगी.
  • अब से चालू होकर यह योजना अगले आने वाले 5 सालो तक चालू रहेगी, जिसके द्वारा किसानो की इनकम को डबल करने का प्रयास किये जायेंगे.
  • जलवायु में परिवर्तन के समय छोटे और मध्यम किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होते है, इसलिए इस योजना के द्वारा इन किसानो को लाभ दिया जायेगा.
  • इस योजना के अंतर्गत कृषि सचिव के सानिध्य में 7 सदस्यों की समिति तैयार की जाएगी, जो अलग अलग जिलों में सुखा क्षेत्रो की पहचान करेगी और फिर वहाँ पर इस योजना का क्रियान्वयन किया जायेगा.

यह योजना वर्ल्ड बैंक के सहयोग से लागू की जाएगीं, इसलिए सहयोग के लिए दी जाने वाली राशी के वापसी की अवधी और उसपर दिया जाने वाले इंटरेस्ट की बातचीत अभी जारी है. उसी के बाद इस योजना पर कार्य प्रगति पर चालू होगा.

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