मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजना 2018-19 | Maternity Leave Incentive Scheme in Hindi

मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजना 2018-19 [प्रसूति नियम लाभ](Maternity Leave Incentive Scheme in Hindi) [Eligibility Rules] [Benefit] (मेटरनिटी लीव  इंसेंटिव)

भारत सरकार देश की महिलाओं के लिए योजनायें एवं सुविधाएँ लेकर आती रही है, जिससे उनके सामने किसी भी प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हो सके. सरकार ने कुछ साल पहले मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की थी, जिसके अंतर्गत काम करने वाली गर्भवती महिलाओं को लाभ प्रदान किया जाता है. अभी हालही में इसमें कुछ बदलाव किये गये हैं. अब इस योजना के तहत उन गर्भवती महिला श्रमिकों को जिनकी मजदूरी 15,000 रूपये तक की है, उन्हें 26 सप्ताह का मातृत्व लाभ एवं 7 सप्ताह की मजदूरी प्रदान की जाएगी और साथ ही उन्हें 26 सप्ताह का अवकाश भी प्रदान किया जायेगा. इसकी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है.

Maternity Leave Incentive Scheme

क्र. .योजना बिंदु (Scheme Points)योजना की जानकारी (Scheme Information)
1.योजना का नाम (Scheme Name)मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजना
2.योजना का लांच (Scheme Launched in)सन 1961
3.योजना का रिलांच (Scheme Relaunched in)सन 2017
4.योजना की दोबारा शुरुआत (Scheme Restarted By)नरेंद्र मोदी जी द्वारा
5.सम्बंधित विभाग / मंत्रालय (Related Department / Ministry)श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
6.कुल बजट (Total Budget)400 करोड़ रूपये
7.योजना की लाभार्थी (Scheme Beneficiaries)गर्भवती महिला श्रमिक

 योजना की विशेषताएं एवं मुख्य बिंदु (Scheme Features and Highlights)   

  • यह योजना वहां लागू होती हैं जहाँ कंपनी, कारखानों, दुकानों, किसी प्रतिष्ठानों एवं अन्य संस्थानों आदि में 10 या 10 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार दिए जाते हैं. यह लागू होने से देश की सभी महिलाओं के पास रोजगार, पर्याप्त सुरक्षा और सुरक्षित वातावरण की समान रूप से पहुँच होगी.
  • 1961 का मातृत्व लाभ अधिनियम, बच्चे के जन्म के पहले और बाद में महिलाओं के रोजगार वाले स्थानों पर उनके रोजगार को व्यवस्थित करेगा और उन्हें कुछ लाभ भी प्रदान करेगा.
  • इस अधिनियम को मातृत्व लाभ अधिनियम 2017 के माध्यम से संशोधित किया गया था. इस संशोधन में केंद्र सरकार ने महिला श्रमिकों के भुगतान किये हुए मातृत्व अवकाश में 12 सप्ताह से 26 सप्ताह तक की वृद्धि की है.
  • इस योजना का सार्वजनिक क्षेत्रों में लागू होना अच्छा है लेकिन कुछ रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना को निजी क्षेत्र या कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों वाले क्षेत्र में लागू करना बहुत अच्छा नहीं है.
  • इस योजना के तहत निजी संस्थायें, इनके यहाँ काम करने वाली महिला श्रमिकों को इस तरह का प्रोत्साहन नहीं देती है, कि उन्हें दी जाने वाली सुविधा का लाभ उन्हें सुनिश्चित रूप से मिले.
  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को विभिन्न क्वार्टर्स से शिकायतें मिल रही थी कि जब एम्प्लोयर्स को यह पता चलता है कि उनके यहाँ काम करने वाली महिला कर्मचारी मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन करने जा रही है, तो उनके कॉन्ट्रैक्ट किसी भी कारणों से ख़ारिज कर दिये जाते हैं.

इस तरह के उठाये गये कदम से गर्भवती महिलायें जोकि काम भी करती हैं उन्हें उस दौरान लाभ प्रदान होगा. एवं इसके साथ – साथ निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी इससे प्रोत्साहन प्राप्त होगा.

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