समवेग योजना क्या हैं ? | MSME Support & Outreach Programme [Samveg Scheme] in Hindi

एमएसएमई क्षेत्र के लिए समर्थन और आउटरीच कार्यक्रम – समवेग योजना (MSME Support & Outreach Programme – Samveg Scheme in Hindi)नरेंद्र मोदी द्वारा एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए की गई 12 घोषणाएँ

नरेंद्र मोदी जी ने ऐतिहासिक समर्थन और आउटरीच कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए शुरू किया है. यह एमएसएमई क्षेत्र के लिए दीवाली का उपहार है. यह एक समवेग योजना है जोकि देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. एमएसएमई क्षेत्र किसी व्यक्ति की क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए है जिसके लिए इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है. इसके साथ हालही में मोदी जी ने पूरे देश में एमएसएमई के विकास, विस्तार और सुविधा को बढ़ावा देने के लिए 12 प्रमुख पहलों की घोषणा की है. उनके द्वारा की गई घोषणों की जानकारी इस प्रकार है.

MSME Support Outreach Programme - Samveg Scheme

क्र. .जानकारी बिंदु (Information Points)जानकारी (Information)
1.कार्यक्रम एवं योजना (Programme Name)एमएसएमई क्षेत्र के लिए समर्थन और आउटरीच कार्यक्रम – समवेग योजना
2.लांच (Launched Date)2 नवंबर, 2018
3.शुरूआत ( Launched By)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
4.घोषणा की गई (Annoucement In)विज्ञान भवन, दिल्ली
5.कुल प्रमुख पहलें (Total Initiatives)12
6..सम्बंधित मंत्रालय या विभाग (Relative Department / Ministry)एमएसएमई विभाग

 छोटे व्यवसायों को लाभ पहुँचाने के लिए एमएसएमई भारत में रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है. हालही में प्रकाशित ‘व्यवसाय करने में आसान’ रैंकिंग में, सफल आर्थिक प्रयासों के चलते पिछले 4 वर्षों में भारत का रैंक, 142 से 77 हो गया है. इस कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र की सुविधा के लिए 5 प्रमुख श्रेणियां निर्धारित की गई है. ये 5 श्रेणियों में क्रेडिट तक पहुँच, बाजार तक पहुँच, टेक्नोलॉजी का अपग्रेडेशन, व्यवसाय करने में आसानी और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा की भावना आदि शामिल है.

समर्थन एवं आउटरीच प्रोग्राम के तहत शुरू की जाने वाली 12 पहलें (MSME Support & Outreach Programme – 12 Initiatives)

मोदी जी द्वारा शुरू की जाने वाली 12 पहलों को उपरोक्त 5 श्रेणियों के माध्यम से शुरू किया जायेगा. उनके द्वारा शुरु की जाने वाली पहलें इस प्रकार हैं –

प्रथम श्रेणी क्रेडिट तक पहुँच

क्रेडिट तक पहुँच, ऊपर दी हुई 5 श्रेणियों में से पहली श्रेणी है, जिसके लिए पीएम मोदी जी ने 3 घोषणाएं की है वे इस प्रकार है –

  • पहली घोषणा में पीएम मोदी जी ने एक पोर्टल https://www.psbloansin59com/apply लांच किया, जोकि 59 मिनिट पोर्टल है और एमएसएमई में आसान तरीके से पहुंच बनाने के लिए है. इस पोर्टल पर सरकार द्वारा केवल 59 मिनिट में 1 करोड़ रूपये तक के व्यवसाय के लोन के लिए सैद्धांतिक (in-principle) मंजूरी दी जायेगी. इस पोर्टल का एक लिंक जीएसटी पोर्टल पर भी उपलब्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को बार – बार बैंक शाखाओं में जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा.
  • मोदी जी ने अपनी दूसरी घोषणा में सभी जीएसटी रजिस्टर्ड एमएसएमई के लिए नये या वृद्धिशील लोन पर 2% ब्याज सबवेंशन के रूप में देने के लिए कहा है. अतः उन एक्सपोर्टर्स के लिए ब्याज की छूट 3% से 5% तक बढ़ा दी गई है, जो पूर्व – शिपमेंट और पोस्ट – शिपमेंट अवधि में लोन प्राप्त करते हैं.
  • उन्होंने अपनी तीसरी घोषणा में 500 करोड़ रूपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाली सभी कंपनियों को अब अनिवार्य रूप से ट्रेड रिसीवेबल ई – डिस्काउंटिंग सिस्टम (TRe DS) पर लाने के लिए कहा है. इस पोर्टल में शामिल होने पर उद्यमी अपनी आने वाली रिसीवेबल्स के आधार पर बैंकों से क्रेडिट तक पहुँच पाएंगे. यह पहल कैश साइकिल की समस्या को हल करने के लिए है.

दूसरी श्रेणी बाजार तक पहुँच

दूसरी श्रेणी बाजारों तक पहुँच की है, इसके लिए भी पीएम मोदी जी ने 3 घोषणाएं की है जोकि निम्न प्रकार से हैं –  

  • वैसे तो केंद्र सरकार ने उद्यमियों के लिए बाजारों तक पहुँच प्रदान करने में पहले भी कई पहलें की हैं. इस बार उन्होने अपनी चौथी घोषणा में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को अब एमएसएमई की कुल खरीद 20% के स्थान पर 25% अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा है.
  • मोदी जी की पांचवी घोषणा महिला उद्यमियों के लिए की गई हैं, जिनमें उन्होंने कहा है कि एमएसएमई से 25% की खरीद में से 3%, अब महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित होना चाहिए. लगभग 5 लाख सप्लायर्स जीईएम के साथ रजिस्टर्ड है, जिनमे से 40,000 एमएसएमई है. अब तक, जीईएम के माध्यम से 14,000 करोड़ रूपये से ज्यादा के लेनदेन किये गये हैं.
  • इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के सभी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग को अनिवार्य रूप से जीईएम का हिस्सा होने के लिए भी कहा है. पीएसयू के लिए जीईएम पर रजिस्टर्ड अपने सभी वेंडर्स को प्राप्त करना भी अनिवार्य है.

तीसरी श्रेणी टेक्नोलॉजी का अपग्रेडेशन

मोदी जी द्वारा घोषणा में कहा गया है कि टूल रूम प्रोडक्ट की डिजाईन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जोकि टेक्नोलॉजी के अपग्रेडेशन से सम्बंधित है. इस श्रेणी की घोषणा में उन्होंने यह उल्लेख किया है कि देशभर में 20 हब्स बनाये जायेंगे और टूल रूम के रूप में उपयोग किये जाने के लिए 100 स्पोक्स स्थापित किये जायेंगे.

चौथी श्रेणी व्यापार करने में आसानी    

चौथी श्रेणी व्यापार करने में आसानी है जिसके लिए पीएम मोदी जी द्वारा 5 घोषणाएं की गई हैं जोकि इस प्रकार है –

  • मोदी जी ने फार्मा कंपनियों से संबंधित भी घोषणा की है जिनमें कहा गया है कि क्लस्टर्स, फार्मा एमएसएमई के फॉर्म में होंगे. उनके अनुसार इन क्लस्टर्स की स्थापना के लिए कुल लागत का 70% खर्च केंद्र सरकार द्वारा किया जायेगा.
  • मोदी जी की 9 वीं घोषणा में यह उल्लेख था कि सभी सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि 8 लेबर कानून और 10 यूनियन नियमों के तहत वापसी एक साल में केवल एक बार दायर की जानी चाहिए.
  • इसके बाद मोदी जी का कहना था कि एक इंस्पेक्टर द्वारा विजिट करने पर एस्टेब्लिश्मेंट्स को कंप्यूटराइज्ड रैंडम एलोटमेंट के माध्यम से तय किया जायेगा.
  • एक उद्यमी को एक यूनिट स्थापित करने के लिए 2 अप्रूवल की आवश्कता पड़ती है पहली पर्यावरण एवं दूसरी यूनिट को स्थापित करने की सहमती. इसलिए इसके लिए सरकार ने वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण कानूनों के तहत अब इन दोनों ही अप्रूवल को एक सहमती के रूप में मिला दिया है. इसके अलावा रिटर्न सेल्फ – सर्टिफिकेशन के माध्यम से स्वीकार की जाएगी.
  • मोदी जी ने अपनी अंतिम घोषणा में यह उल्लेख किया कि एक अध्यादेश (आर्डिनेंस) लाया गया है जिसमें कंपनी अधिनियम के तहत मामूली से उल्लंघन के लिए, उद्यमी को अब न्यायलयों से संपर्क नहीं करना पड़ेगा. ऐसे उल्लंघनों के लिए उद्यमी उन्हें सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से खुद ही सही कर सकते हैं.

पांचवी श्रेणी एमएसएमई क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा 

प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक और घोषणा की, जोकि पांचवी एवं अंतिम श्रेणी से सम्बंधित है जिसमें एमएसएमई क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के बारे में कहा गया है. यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक मिशन लांच किया जायेगा कि इन कर्मचारियों के पास जनधन खाते, भविष्य निधि और बीमा सुविधाएँ हों.

मोदी जी ने कहा है कि ये 12 फैसलें भारत में एमएसएमई क्षेत्र की मदद करने के लिए एक लंबा सफर तय करेंगे, और इस आउटरीच कर्यक्रम को लागू करने के लिए आने वाले 100 दिनों का समय दिया गया है जिसमें पूर्ण रूप से इसकी निगरानी की जाएगी.  

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