मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना नियम 2020

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना मध्यप्रदेश नियम पंजीयन लिस्ट 2020 पोर्टल  (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana MP in Hindi) Crop List, Portal, Registration Rate @mpeuparjan.nic.in

मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान नाम से एक नयी योजना की शुरुआत की है. जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को लाभान्वित करना है और फसलों में नुकसान के समय उन्हे वित्तीय सहायता देना है. कुछ राज्यों द्वारा किसानों की सहायता के लिये फसलों की सिंचाई के वक्त लोन देने की योजना चलाई गयी है. परंतु मध्यप्रदेश सरकार ने इन सब से कुछ अलग और ज्यादा सहायक किसानों को फसलों में नुकसान के वक्त उसकी भरपाई करने के का निर्णय लिया है. इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने भावांतर भुगतान योजना चलाई है, जिसके अंतर्गत किसानों को नुकसान की स्थिति में उसकी   भरपाई सीधे उसके एकाउंट में पैसे भेजकर की जायेगी.

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मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना की मुख्य बातें [Bhavantar Bhugtan Yojana] 

  • दिन प्रतिदिन किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या को रोकना : आज के समय में रोजाना किसानों के आत्महत्या करने की खबरे सामने आती है. मध्यप्रदेश सरकार इस समस्या के तह तक गयी और उन्होंने इसकी मूल वजह जानने की कोशिश की, तब उन्हे पता लगा की किसानों को उनकी फसलों की सही कीमत नही मिल पाती. जिसके कारण उनके पास इतना धन भी एकत्रित नहीं हो पाता जितना उन्होंने बोनी के वक्त लगाया था. उन्हे नुकसान का सामना करना पड़ता है, इस योजना के द्वारा इसी नुकसान की भरपाई की जाती है.
  • न्यूनतम बिक्री कीमत (MSP): मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत मंडियों में किसानों द्वारा बेची गई फसलों की कीमत और उनका पारिश्रमिक सरकार द्वारा तय किया जायेगा. जिस कीमत पर फसलों को मंडियों में इकठ्ठा किया जाता है वही उसकी न्यूनतम बिक्री कीमत(MSP) होती है. मध्यप्रदेश में उपस्थित कृषि विभाग द्वारा कुछ विशेष फसलों कि पारिश्रमिक कीमत भी तय की जाती है.
  • इस योजना के अंतर्गत सभी फसलों को शामिल किया गया है: प्रदेश में मुख्यतः दो मुख्य फसलें रबी की फसल और खरीफ कि फसल होती है. इन दोनो को ही इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है.
  • इस योजना के अंतर्गत जमीन संबंधित कई कार्य जैसे जमीन की सीमा तय करना, सीमा सरहदी करना कोई अन्य विवाद तीन महीने के अंदर हल होना चाहिये . अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी और किसानों के नुकसान की भरपाई भी संबंधित अधिकारी के द्वारा उसके  एकाउंट से की जायेगी .
  • भावांतर भुगतान योजना में मुख्य 8 फसलों को शामिल किया गया है. जिसमे सोयाबीन, मूंगफल्ली, तिल, रामतिल, मुंग उड़द, मक्का और तुअर दाल शामिल है. इन फसलों को शामिल करने का मुख्य कारण, इनका चावल और गेंहू की तुलना में सरकार द्वारा खरीदी कम करना है.
  • अगर किसान द्वारा लिस्ट में शामिल आठ फसलों में से किसी को न्यूनतम बिक्री कीमत (MSP) से कम कीमत पर बेचा जाता है तो इस नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाती है.
नाममुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना (MBBY)
किसके द्वारा लांच की गयीशिवराज सिंह चौहान
इस योजना के संबंध में कैबिनेट मीटिंग संपन्न हुईअगस्त 2017 में
मुख्य लाभान्वितमध्यप्रदेश के किसान
मुख्य लाभकिसानों को वित्तीय सहायता देना
न्युनतम बिक्री कीमत(MSP) तय किया जायेगामध्यप्रदेश कृषि उत्पाद लागत और विपणन आयोग द्वारा
संबंधित मोबाइल एपगिरदावरी मोबाइल एप (Girdawari mobile app)
पोर्टलhttp://mpeuparjan.nic.in/mpeuparjan/Home.aspx

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में रजिस्टर करने के लिये मुख्य दस्तावेज (BBY Documents) :

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड हर एप्लीकेशन में रजिस्टर करवाना आवश्यक है. आधार कार्ड हर किसी के लिए एक मुख्य पहचानपत्र है और इसके द्वारा योजना में हो रही गड़बड़ी को भी रोका जा सकता है.
  • आधारकार्ड के अलावा दूसरी आवश्यक चीज किसान का स्वयं का बैंक एकाउंट नंबर, इसी बैंक एकाउंट में  सरकार द्वारा किसान को उसके नुकसान की भरपाई की जाती है.
  • खेती के लिए जितनी जमीन का उपयोग किया जा रहा है उसके कागजात भी किसान को दिखाने होते है. इन्ही कागजो के ही हिसाब से किसान को खेती में लगने वाली लागत और उसके नुकसान की गणना की जाती है.

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना  ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया (How to register offline Under Bhavantar Bhugtan Yojana) :

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेना चाहते है तो उसके लिये किसानों को स्वयं को इस योजना में रजिस्टर करवाना आवश्यक है. नीचे कुछ पॉइंट्स के द्वारा किसानों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझाने का प्रयास किया जा रहा है.

  • अगर कोई किसान इसमें अपना रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है तो वह अपने जिले के ब्लाक ऑफिस, जिला कलेक्टर ऑफिस या पंचायत ऑफिस से अपना फॉर्म ले सकता है.
  • अब इस फॉर्म में दी गयी सभी जानकारी जैसे आवेदक का नाम, पता, आयु, आधारकार्ड नंबर और किसान की फोटो आदि भरना होता है. यह सभी जानकारी का सही होना आवश्यक होता है वरना किसान को भुगतान के वक्त समस्या आती है.
  • किसान के लिए यह आवश्यक है की उसका एकाउंट किसी नेशनलाइस बैंक, ग्रामीण बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक हो. इसके बाद किसान को अपने इस बैंक एकाउंट डिटेल देना होती है, जिसमे उसका बैंक एकाउंट नंबर, IFSC कोड, बैंक ब्रांच का नाम आदि शामिल होता है.
  • इस एप्लीकेशन फॉर्म में किसान को खेत और खेती के लिए उपयोग की गयी चीजों का भी वर्णन करना होता है. इसके अलावा किसान को अपनी संपूर्ण जमीन और जितनी जमीन पर खेती की जा रही है उसका भी वर्णन करना होता है.
  • जब किसान यह फॉर्म पुरा भर लेते है उसके बाद उन्हें इसे पुनः एक बार चेक करके इसे विभिन्न मंडी सेंटर्स या विभिन्न क्षेत्रो में उपस्थित ई- उपर्जन सेंटर्स में जाकर जमा करना होता है.

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया (How to register online):

  • इस योजना में अपने आप को रजिस्टर  करने के लिए सर्वप्रथम किसान को इसकी ऑफिशियल साईट पर जाना होता है.  इसकी ऑफिशियल साईट http://mpeuparjan.nic.in/mpeuparjan/Home.aspx है.
  • जब आप इस लिंक को खोलकर इस साईट पर पहुच जाते है, तो आपको होम पेज पर उपस्थित “खरीफ किसान पंजीयन 2017-18” पर क्लिक करना होता है .
  • जब आप इसपर क्लिक करते है तो वह आप सीधे अगले पेज पर पहुच जाते है. अब उसे अपने किसान कोड से पंजीयन संबंधित जानकारी लेकर लॉग इन करना होता है.
  • अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए किसान को उसका आधार कार्ड नंबर और समग्र आईडी नंबर भरना होता है. जब आप सम्पूर्ण जानकारी भर देते है, तब आपको अपना रजिस्ट्रेशन ऑपशन सिलेक्ट करना होता है.
  • अब किसान को अपनी पर्सनल जानकारी जैसे नाम, पता, आधार कार्ड नंबर अदि देनी होती है. इसी के साथ ही बैंक डिटेल भी भरनी होती है. इन सबको भरने के बाद एक बार पुनः चेक कर लेना चाहिये, फिर आप इसे सबमिट कर सकते है.

भावांतर योजना का भुगतान कब होगा  [MP Bhavantar Bhugtan Yojana Last Date]

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजनामुख्य तरीखे
रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख11 सितम्बर
फसल बेचने की तारीख16 अक्टूबर से 15 दिसंबर
किसानों के फंडिंग चालू होने की तारीख25 दिसंबर

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