उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2021 : आवेदन फॉर्म

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2021 (पात्रता, आवेदन फॉर्म ऑनलाइन, मृत्यु बीमा राशी) (Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana UP in Hindi) (Compensation on Death, Disability, How to Apply Online/Offline form, Check Beneficiary, Assistance Amount, Eligibility Criteria)

कुछ साल पहले उत्तरप्रदेश सरकार ने किसानों एवं गरीबों की मदद करने के लिए एक योजना शुरू की थी, जिसके तहत किसानों एवं गरीबों को उनके कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर बीमा राशि प्रदान की जाती थी. इसके बाद इसमें योगी सरकार के आने के बाद कुछ बदलाव किये गये थे. इसके लिए प्रत्येक लाभार्थी को उनके नाम से एक बीमा केयर कार्ड प्रदान किया जाता है. किन्तु अब इस योजना में योगी सरकार ने कुछ बदलाव और करते हुये इसका नाम भी बदल दिया है, अब इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ कर दिया गया हैं. इस योजना में अब किसानों को मिलने वाली दुर्घटना बीमा राशि जोकि उनके परिवार को मिलती थी वह अब बटाईदार की भी मिलेगी. इस योजना की विशेषताएं, नियम एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी यहाँ दी गई है.

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana UP in Hindi

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
राज्यउत्तरप्रदेश
लांचसन 2020
लांच की गईमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा
लाभार्थीआर्थिक रूप से कमजोर किसान एवं बटाईदार
सम्बंधित विभागकृषि एवं किसान कल्याण विभाग

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की विशेषताएं

  • किसानों का कल्याण :- मुख्यमंत्री जी द्वारा शुरु की गई इस योजना में किसानों या उनके परिवारों को कार्य के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार होने पर बीमा राशि प्रदान की जाएगी.
  • योजना के लाभार्थी :- इस योजना के लाभार्थी सभी तरह के छोटे किसान हो सकते हैं जिनके पास खुद की जमीन हैं या जिनके पास नहीं हैं. सभी इस योजना में लाभ कमा सकते हैं. इस योजना में 2 करोड़ 38 लाख किसानों को लाभ प्रदान किया जायेगा.
  • बटाईदार के लिए :- अब तक इस योजना का लाभ केवल वे किसान उठा रहे थे जिनके पास खुद की जमीन थी. किन्तु अब ऐसे बटाईदार लोग जो किसी और की भूमि में खेती करते हैं और अपनी फसल का कुछ हिस्सा भूमि के मालिक को प्रदान करते हैं. उन्हें भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा.
  • योजना का उद्देश्य :- इस योजना को शुरू कर सरकार का एक मात्र उद्देश्य हैं किसानों की उनके कार्य के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार होने पर उन्हें एवं उनके परिवार को बीमा के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना.
  • दुर्घटना का शिकार होने पर बीमा राशि :- किसी किसान की कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो जाती हैं, या वह पूर्ण रूप से विकलांग हो जाते हैं, तो उन्हें उसके लिए 5 लाख रूपये तक का बीमा प्रदान किया जायेगा. यह राशि किसानों के नामांकित व्यक्ति जोकि उसके परिवार का कोई सदस्य होगा, को प्रदान की जाएगी.
  • अन्य योजना का लाभ लेने पर :- यदि कोई लाभार्थी इस योजना का लाभ लेने से पहले किसी अन्य बीमा योजना जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना या प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का हिस्सा रह चूका हैं, तो उस किसानों को पहली वाली बीमा राशि से मिलने वाले पैसे को नई वाली बीमा राशि से मिलने वाले पैसे से घटाकर बचे हुए पैसे दिए जायेंगे.
  • योजना की देखरेख :- यह किसानों के लिए शुरू की गई दुर्घटना बीमा योजना में पूरा यानि 100 प्रतिशत योगदान राज्य सरकार का होगा, और इसे कलेक्टरों के द्वारा लागू किया जायेगा.
  • संबंधित तारीख :- ऐसे लाभार्थी जोकि 14 सितम्बर, 2019 के बाद खेती के किसी कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार हुए हैं. तो उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान या उनके परिवार वालों को आवेदन करने के लिए दुर्घटना के बाद 45 दिनों का समय मिलेगा. हालांकि इसके लिए कलेक्टर द्वारा 1 महीने का अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है. किन्तु इसके बाद आवेदन करने पर उन्हें कोई सहायता प्रदान नहीं की जाएगी.
  • बीमा राशि का वितरण :- इसके पहले वाली योजना में राज्य सरकार द्वारा बीमा कंपनियों को कुछ राशि प्रदान की गई थी, जिसे बीमा कंपनी द्वारा किसानों को बीमा के तौर पर दी जाती थी. किन्तु उस दौरान यह राशि का आधा हिस्सा ही किसानों को मिलता था बाकी बीमा कंपनी द्वारा वहन कर लिया जाता था. अब सरकार ने पहली वाली योजना को रद्द करते हुए इस नई योजना को शुरू किया है, और इसमें सरकार द्वारा सीधे ही डीबीटी के माध्यम से किसानों की बीमा राशि उनके बैंक खाते में प्रदान कर दी जाएगी.

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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)

  • उत्तरप्रदेश का निवासी :- इस योजना का लाभ उत्तरप्रदेश के किसान जोकि उत्तरप्रदेश के ही रहने वाले हैं और साथ ही जो खेती भी यूपी में ही करते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा.
  • खाता धारक :- इस योजना में जिन किसानों का बैंक में खाता हैं या जिनका किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से खाता है. वे सभी इस योजना में शामिल होंगे.
  • किसानों के परिवार वाले :- किसी किसान की मृत्यु हो जाने के बाद चुकी उसके परिवार वालों को बीमा राशि प्रदान की जाएगी, इसलिए इसके लिए उनके परिवार से उनके माता – पिता, पति या पत्नी, बेटा, बेटी, बहू, पोता और पोती कोई भी व्यक्ति नॉमिनी बन सकते हैं.
  • जमीन के मालिक :- इस योजना का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि लाभार्थी के खुद की जमीन होना चाहिए, यदि कोई किसान किसी दूसरे की जमीन पर कार्य कर रहा है तो उसे इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा.
  • किसानों की उम्र :- इस योजना में शामिल होने वाले किसान 18 या 18 वर्ष से अधिक एवं 70 या 70 वर्ष से कम आयु के होने पर ही योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगे.

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में दस्तावेज (Required Documents)

इस योजना में किसानों को आवेदन करने के लिए कुछ दस्तावेज जैसे किसानों को उनका उत्तरप्रदेश का निवासी होने का प्रमाण देने के लिए अवासीय प्रमाण पत्र, बैंक की पासबुक, किसान के परिवार वालों को उनका नॉमिनी होने का प्रमाण देने के लिए राशन कार्ड, जमीन के पेपर एवं किसानों को उनकी आयु प्रमाण पत्र आदि देने की आवश्यकता हो सकती हैं. इसलिए आप यह दस्तावेज की कॉपी अपने साथ अवश्य रखें.

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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में आवेदन प्रक्रिया (Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana Application Process)

इस योजना का आवेदन किसान ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों ही विधि से कर सकते है –

ऑफलाइन माध्यम से :-

किसान या उसके परिवार के सदस्य को सबसे पहले जिला कलेक्टर के पास एक आवेदन पत्र लिख कर देना होता हैं. इस आवेदन पत्र में किसान के साथ घटी दुर्घटना की पूरी जानकारी होती है. इस आवेदन पत्र को किसानों को दिए गये समयावधि के अंदर तहसील कार्यालय में जमा करना होता है. इसके बाद जिला अधिकारीयों द्वारा इसका सत्यापन किया जाता है. और अधिकारीयों द्वारा उचित रूप से सत्यापन हो जाने के बाद केस के आधार पर सहायता राशि किसानों या उनके परिवार के सदस्यों को प्रदान कर दी जाएगी.

ऑनलाइन माध्यम से :-

योजना सफलतापूर्वक लागू हो इसके लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वे जल्द ही एक पोर्टल लांच करेगी, इस पोर्टल के माध्यम से किसान ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सक्षम हो जायेंगे. अब वे सभी किसान या उनके परिवार के सदस्य जिन्होंने ऑनलाइन विधि से आवेदन करने का विकल्प चुना है, उन्हें अब किसी तहसील कार्यालय या जिला कलेक्टर के पास जाने या उन्हें लिखित आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है.

नोट :- इस योजना का ऑनलाइन पोर्टल लांच हो जाने के बाद भी इस योजना के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों ही माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

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