मुख्यमंत्री राजश्री योजना फॉर्म कैसे भरे ? | Mukhyamantri Rajshri Yojana in Rajasthan In Hindi

मुख्यमंत्री राजश्री योजना [कब शुरू हुई] राजस्थान [ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड] (Mukhyamantri Rajshri Yojana in Rajasthan In Hindi)[Toll Free Number]

राजस्थान  सरकार ने राज्य में भ्रूण हत्या जैसी घटनाओं को कम करने के लिए मुख्यमंत्री राजश्री योजना की शुरुवात की है. इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार गरीब परिवारों को लड़कियों को पढ़ाने एवं सही उम्र में शादी करने के लिए प्रोत्साहित करेंगें। जिन परिवारों में लड़की पैदा होगी उन्हें 12वीं की पढाई तक इन्सटॉलमेंट में वित्तीय सहायता दी जाएगी।

Mukhyamantri Rajshri Yojana in Rajasthan

नाममुख्यमंत्री राजश्री योजना
राज्यराजस्थान
घोषणा तारीखमार्च 2016
योजना किस अवसर पर आइमहिला दिवस
घोषणा की गईमुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
योजना की देखरेखमहिलाओं और बाल विकास विभाग
आधिकारिक साइटhttp://wcd.rajasthan.gov.in/Rajshree.aspx
टोलफ्री नंबर (Helpline number)18001806127, 0141-5196302,5196358
प्रोत्साहन राशि50000/- (6 किश्त में)
लाभार्थीलड़कियां (Only girl child)

योजना से जुडी मुख्य बातें (Key features of the scheme)

  • बेटियों को वित्तीय सहायता राजस्थान सरकार बेटियों के परिवार को आर्थिक रूप से मदद करेगी, जिससे वे लड़कियों को अच्छे से पढ़ा सकें और एक अच्छा भविष्य दे सकें। ये वित्तीय सहायता उन लड़कियों को मिलेगी, जिनका जन्म 1 जून 2016 को या उसके बाद हुआ है. राज्य सरकार हर एक लड़की को टोटल 50000 रूपए की सहायता प्रदान करेगी।
  • किश्तों में भुगतान किया जाएगा आधिकारिक दस्तावेज अनुसार , यह बात स्पष्ट है कि राज्य सरकार ये चाहती है कि जिन बच्चियों के परिवार को यह आर्थिक सहायता मिलेगी, वे उन पैसों का प्रयोग अपनी बच्ची की शिक्षा, उनके पालन पोषण में ही लगाएं। सहायता का गलत उपयोग न हो, इसके लिए सरकार चयनित परिवार को किश्त में सहायता पहुंचाएगी।
  • जिनका जन्म एवं पढाई राजस्थान में हुई हो सरकार इस योजना का लाभ देने से पूर्व सुनिश्चित करेगी कि लाभार्थी राजस्थान का रहने वाला हो. यह योजना का लाभ उन्हें ही दिया जायेगा, जिन बच्ची का जन्म राजस्थान या राज्य की सीमा में हुआ और पढाई सरकारी स्कूल में हो यही हो.

वित्तीय सहायता किश्त की जानकारी (Installment details)

किश्तरकम जो प्राप्त होगीरकम कब मिलेगीसहायता किस रूप में मिलेगी
1st2500 रूपएलड़की के जन्म के समयकैश
2nd2500 रूपएलड़की के जन्म के साल बाद, जब उसके सारे टीकाकरण हो जायेगाचेक
3rd4000 रूपएकिसी भी सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला के समयचेक
4th5,000 रूपएछठवीं कक्षा में प्रवेश के समयचेक
5th         11,000 रूपएदसवीं कक्षा में प्रवेश के समयचेक
6th25,000 रूपएबाहरवीं कक्षा की फाइनल परीक्षा पास करने के बादचेक

कुल मिलाकर हर एक लड़की को 50000 की राशि दी जाएगी, जो 6 किश्त में लड़की के परिवार को मिलेगी, जिससे इसका दुरुप्रयोग न हो सके.

योजना की पात्रता (Eligibility criteria)

यह योजना पुरे राजस्थान राज्य में एक साथ शुरू की गई है, लाभार्थी को सुनिश्चित करना होगा कि वो नीचे दिए गई पात्रता में आता है.

  • सिर्फ लड़कियों के लिए जैसा की नाम से ही समझ आ रहा है, योजना के निर्देश में यह मुख्य रूप से बताया गया है कि यह योजना सिर्फ लड़कियों के लिए है. वे ही इसमें पंजीकरण के पश्चात् लाभ उठा सकती है.
  • जन्म तारीख मुख्यमंत्री राजश्री योजना की निर्देश पुस्तिका में साफ़ तौर पर बताया गया है कि इस योजना के अंतर्गत सिर्फ वही अभिभावक अपनी बच्ची का पंजीकरण करा सकते है जिनका जन्म 1 जून 2016 को या उसके बाद हुआ है.
  • राजस्थान मूलनिवासी सिर्फ राजस्थान में रहने वाले अभिभावक अपने बच्ची का पंचीकरण इस योजना में करा सकते है, उनके पास राजस्थान राज्य का मूलनिवासी पत्र होना अनिवार्य है.
  • सरकारी अस्पताल में जन्मी योजना का लाभ उन लड़कियों को मिलेगा जो राज्य के किसी भी हिस्से में सरकारी अस्पताल में जन्म होगी। घर में प्रसव होने पर, वे बच्चियां इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगी। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत रजिस्टर्ड हॉस्पिटल में जन्मी लड़कियां भी इस योजना के लिए पात्र मानी जाएँगी।
  • भामाशाह कार्ड धारक यह योजना के अंतर्गत पहले जब यह योजना लागु हुई थी, तब पहली एवं दूसरी किश्त के लिए आधार कार्ड एवं भामाशाह कार्ड अनिवार्य नहीं था. लेकिन 15 मई, 2017 के बाद संशोधन किया गया और इसके बाद से योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता भामाशाह धारक के सीधे बैंक अकाउंट में दी जाने लगी.
  • महिला को गर्भवती होने के बाद, प्रसव के पूर्व अपनी जानकारी निकटतम आंगनवाड़ी या आशा वर्कर को देनी होगी, जहाँ उसे अपने भामाशाह कार्ड और उसमें रजिस्टर्ड बैंक की डिटेल्स वहां देनी होगी।
  • जिनके पास भामाशाह कार्ड नहीं है, उन्हें पहले इसके लिए पंचीकरण करवाना होगा। इसका आवेदन निकटतम इ मित्र केंद्र में हो जायेगा।

कुछ विशेष स्थितियां (Some special conditions Eligibility)

  • अगर किसी अभिभावक की 2 से अधिक लड़कियां है, तो भी वे इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकते है. पहली दो किश्त का लाभ तीसरी बालिका को भी मिलेगा, लेकिन आगे की किश्त का लाभ उसे नहीं मिलेगा।
  • किसी भी परिवार में सारी किश्त का लाभ उन्हें ही मिलेगी जिनके परिवार में अधिकतम 2 बालिका जीवित होंगी।
  • यदि किसी कारणवश किसी बालिका की मृत्यु हो जाती है, पर उसे पहली दो किश्त का लाभ चूका होगा, तब ऐसी स्तिथि में अगर उन माता-पिता की अगली संतान लड़की होगी तो उसे सारी किश्त अर्थात पूरी योजना का लाभ मिलेगा।

जरुरी दस्तावेज (Required documents) –

योजना में अपनी पात्रता साबित करने के लिए आपको कुछ दस्तावेज की आवश्यकता होगी, जिसे आपको अपने पंजीकरण के समय फॉर्म के साथ दिखाने होंगें। इसके लिए आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, एड्रेस प्रूफ, मूल निवासी पत्र, जन्म प्रमाण पत्र एवं बच्ची की पासपोर्ट साइज फोटो पंजीकरण के समय साथ होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया (Application Form Process and how to Apply)

  • पहली किश्त हेतु आवेदन योजना के लिए प्रसव के पहले ही महिला को अपना नाम आंगनवाड़ी में जाकर लिखवाना होगा, जहाँ उस बच्चे के लिए एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी । प्रसव के बाद की पहली किश्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सारी जांच पड़ताल के बाद लाभार्थी को दे दी जाएगी।
  • दूसरी किश्त हेतु आवेदन जन्म के एक साल के बाद सभी टीकाकरण के बाद योजना की दूसरी किश्त लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। दूसरी किश्त के लिए टीकाकरण के पश्चात् शिशु कार्ड को ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है.
  • अगर बच्ची की माता की मृत्यु प्रसव के दौरान या बाद में हो जाती है, तो दी जाने वाली राशि पिता के अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। अगर माता पिता दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो जो भी आधिकारिक रूप से बच्ची के अभिभावक होंगें, उनके अकाउंट में वो वित्तीय सहायता ट्रांसफर होगी।
  • पहली एवं दूसरी किश्त का पंजीकरण एक साथ प्रसव के पहले आंगनवाड़ी में होता है, इसके लिए दो बार या पृथक रूप से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही ऑनलाइन सभी जानकारी अंकित करनी होगी।
  • तीसरी किश्त तीसरी किश्त पहली कक्षा में प्रवेश के दौरान मिलेगी। इसके लिए लाभार्थी को अपने निकटतम इ-मित्र केंद्र में जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ साथ बच्ची का स्कूल में प्रवेश का प्रमाण पत्र एवं माता पिता की 2 संतान है इसके लिए एक एफिडेविट लगाना होगा।
  • चौथी,पांचवी एवं छठी किश्त इन किश्त के लिए भी आवेदक को इ-मित्र केंद्र में जाना होगा, जहाँ ऑनलाइन प्रक्रिया के द्वारा आवेदन होगा जहाँ उन्हें स्कूल में प्रवेश का प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। छठी किश्त 12 वीं पास के बाद मिलती है, जिसके लिए बच्ची की फाइनल परीक्षा का रिजल्ट फॉर्म के साथ अपलोड करना अनिवार्य है.

अब तक इस योजना के अंतर्गत लड़कियों को 395 करोड़ के ऊपर का लाभ मिल चूका है. राजस्थान में भ्रूण हत्या, बालविवाह को कम करने एवं  लड़कियों में शिक्षा को बढ़ाने के लिए यह योजना लाई गई थी. इस योजना के आने से लड़की को बोझ समझने वाले लोग अपनी सोच बदलेंगें, क्यूंकि उनकी बच्ची की ज़िम्मेदारी सरकार उठाएगी वित्तीय सहायता देगी।

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