एक जिला एक उत्पाद योजना उत्तर प्रदेश | One District One Product Scheme Uttar Pradesh In Hindi

एक जिला एक उत्पाद योजना उत्तर प्रदेश सूची ऋण (ODOP) (One District One Product Scheme in UP) [List, Application Form Process, Loan] 2018-19

उत्तर प्रदेश में लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक जिला एक उत्पाद योजना का शुभारंभ किया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं की सूची में बहुत सी ऐसी योजनाएं है जो बेरोजगारों को रोजगार देने में मदद करती है. उत्तर प्रदेश में उपस्थित वर्तमान सरकार के अनुसार इस योजना के द्वारा स्थानीय कौशल का विकास तो होगा ही, इसी के साथ वस्तुओं का निर्यात भी अधिक मात्रा में संभव होगा, और यह भी अनुमान लगाया गया है की इससे देश की जीडीपी में भी बढ़त होगी. एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत अभी तक 5 लाख लोगों को रोजगार मिल चूका है. इन छोटे लघु एवं मध्य उद्योग से 89 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात उत्तर प्रदेश से किया जा चूका है.

इस आर्टिकल में आपको एक जिला एक उत्पाद योजना लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया, स्वरोजगार लोन से जुडी सारी जानकारी मिलेगी। एक जनपद एक उत्पाद योजना में काम करने और उसके लिए लोन की जरुरत होने पर आप मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन कर सकते है.

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लांच डिटेल (Ek Jila Ek utpad Yojana Launch detail) :

योजना का नामएक जिला एक उत्पाद योजना उत्तर प्रदेश (One District One Product Scheme)
शुरुवात कीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लांच हुई24 जनवरी 2018
कार्यक्रमउत्तर प्रदेश दिवस
योजना का क्रियान्वयनसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग
ऑफिसियल साइटhttp://odopup.in/
हेल्पलाइन नंबर (टोलफ्री नंबर)18001800888

इस योजना का जिक्र प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने चुनाव प्रचार के टाइम ही कर दिया था, और जब उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई तो इस विषय पर कार्य प्रगति पर चलने लगा. कहा जा रहा है की आने वाली 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के दिन इस योजना को लांच किया जायेगा.

एक राज्य (जिला) एक उत्पाद योजना क्या है (What is One District One Product Scheme)

भारत देश अनेकता में एकता रखता है. यहाँ कला की कमी नहीं है, हर प्रदेश, अपने कुछ विशेष चीजों के लिए प्रसिध्य है. उत्तरप्रदेश में भी छोटे लघु उद्योग है, जहाँ से वो विशेष पदार्थ बनकर देश विदेश में जाता है. उत्तरप्रदेश में कांच का सामान, लखनवी कढ़ाई से युक्त कपडे, विशेष चावल आदि बहुत फेमस है. ऐसे सभी आइटम छोटे से गांव के छोटे-छोटे कलाकार बनाते है, जो साधनों की कमी के बावजूद अपनी कला को दुनिया में बिखरते है. लेकिन समय के साथ इन छोटे कलाकार का अस्तित्व भी घूम होते जा रहा है, इन छोटे लघु उद्योग की जगह बड़े-बड़े कारखानों ने ली है, जहाँ हाथ की बयाज मशीन से काम होता है. हाथ की कारीगर को उनका वो दाम नहीं मिलता, जितना उनको मिलना चाहिए। एक जिला एक उत्पाद ऐसे ही खोये हुए कलाकार को रोजगार देगी, उत्तरप्रदेश में जो भी जिला, जनपद जिस विशेष सामान के लिए जानी जाती है, उधर के लघु उद्योग को पैसा देगी, वहां पर काम करने वालों को आगे बढ़ाएगी।

इस तरह की योजना पहली बार जापान में लांच हुई थी, फिर आगे इसकी सफलता को देखते हुए इसे चीन जैसे बड़े देश ने भी लांच किया था. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम से राज्य के छोटे से छोटे गांव का नाम देश  प्रदेश में प्रसिद्ध होगा।

उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा हर महीने रोजगार मेला होते है. रोजगार मेला उत्तर प्रदेश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आसानी से घर बैठे होता है.

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का उद्देश्य

स्थानीय शिल्प का विकास योजना का मुख्य उद्देश्य है, जिससे छोटे छोटे कारीगरों की आय में वृद्धि होगी। इन कारीगरों को रोजगार और अधिक पैसों के लिए अपने घर को छोड़ शहर जाना पड़ता था, ओडीओपी योजना से पलायन में कमी आएगी। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, उत्तर प्रदेश राज्य में सफल होने के बाद इसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर लांच किया जायेगा, जिससे भारत देश के सभी राज्य में इस योजना के द्वारा लोगों को लाभ मिल सके. इसके साथ ही यह योजना युवाओं को भी आकर्षित करेगी, जिससे बेरोजगार को नए अवसर मिलेंगें।

एक जिला एक उत्पाद योजना कैसे काम करेगी (लाभ) (Key Features Scheme):

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और देश का विकास करना है. इस योजना के द्वारा जिले के छोटे, मध्यम और परंपरागत उद्योगो का विकास संभव हो पायेगा.
  • इस योजना के द्वारा उद्योगो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नयी तकनीको का प्रयोग और प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि यह प्रोडक्ट मार्केट में उपलब्ध अन्य प्रोडक्ट की बराबरी कर सके.
  • इस योजना के द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा. अब तक के अनुमान के अनुसार अगले आने वाले 5 सालो में लगभग 25 लाख लोगो को रोजगार मिलेगा. सरकार के द्वारा 25000 करोड़ रुपये लोकल व्यापारियों और अन्य छोटे उद्योगों को बढ़ाने के लिए बेरोजगार लोगो को दिये जायेंगे.
  • इस योजना के अंतर्गत इन जिलों में बन रहें उत्पादो की गुणवत्ता, उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा आदि का ध्यान रखने के लिए एक समिति बनाई जाएगी जो इन सबका एनालेसीस करे और फिर उसके अनुसार अपने कार्य के लिए रणनीति तैयार करेगी.
  • लघु, मध्यम, परंपरागत उद्योग को आर्थिक रूप से सरकार मदद करेगी, साथ ही उसकी गुणवत्ता, कुशलता में विशेष सुधार काम किया जायेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत कम ब्याज दर में लोन दिया जायेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ ले सकें।
  • इसके साथ ही इसकी पैकिंग, ब्रांडिंग पर भी काम किया जायेगा। हर एक उत्पाद को ब्रांड नाम दिया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश राज्य की भी विश्व पटल पर पहचान बढ़ेगी। अच्छी पैकिंग, ब्रांड नाम होने से लोग इसे जानेंगें और प्रोडक्ट की तरफ आकर्षित होंगें।
  • इन उत्पादों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे दूर दूर निर्यात किया जायेगा, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम चुना जायेगा। इसके अलावा हस्तशिल्प जैसे मेला लगाए जायेंगें, जगह जगह काउंटर पर इसकी बिक्री शुरू की जाएगी। इस योजना के चलते उस क्षेत्र की अपनी अलग पहचान बनेगी साथ ही वहाँ का पर्यटन भी बढेगा.

योजना का क्रियान्वयन (Implementation):

  • इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 6 मुख्य श्रेणिया बनाई गयी है. इन श्रेणियों को रॉ मटेरियल, फाइनेंस, डिजाईन, स्ट्रक्चर टेस्टिंग लैब, ट्रेनिंग और डेवलपिंग डिस्प्ले और एक्सिबिशन और मार्केटिंग आदि भागो में विभाजित किया गया है.
  • जिला अधिकारी को इस योजना की जिम्मेदारी सौपी जायेगी. जिला अधिकारी को अपने जिले में एक जिला एक प्रोडक्ट योजना के क्रियान्वयन के लिए अपनी एक समिति का गठन करना होगा.
  • इस योजना के अनुसार अपने व्यवसाय को चलाने के लिए पुरुषों को 1 लाख रुपय और महिलओं को 1.5 लाख रुपय की लोन सब्सिडी दी जाएगी.
  • इस योजना के द्वारा उद्योग स्टार्ट करते वक्त स्टाम्प शुल्क में भी छुट दी जाएगी. बुंदेलखंड और पूर्वांचल में यह 100 प्रतिशत निशुल्क होगा वही मध्यांचल और पशिमांचल वाले क्षेत्रो में 70 और 50 प्रतिशत तक छुट होगी.

एक जिला एक प्रोडक्ट के अंतर्गत चुने गये शहर और उनके चुने गये उत्पाद (One District One Product List in hindi)

मुख्यमंत्री योगी ने यूपी के हर एक जिले से एक उत्पाद को चुना है. जिस जिले में जिसका उत्पादन अधिक है, उससे जुड़े कारीगर वहां है, तो उस जिले को उस विशेष उत्पाद के निर्माण के लिए चुन लिए जायेगा, फिर सरकार उनकी आर्थिक मदद करेगी और उस जिले को उस विशेष उत्पाद का केंद्र बिंदु बना दिया जाता है. इस योजना में हर जिले के लिए उत्पाद का चयन वहाँ की परंपरा और उपलब्धता के आधार पर किया गया है, जैसे आगरा चमड़ा उत्पाद के लिए, फिरोजाबाद काँच की चुडियो के लिए, इलाहाबाद अमरुद फ्रूट प्रोसेसिंग के लिए, प्रतापगड आवला फ्रूट प्रोसेसिंग के लिए. इसकी पूरी जिसकी लिस्ट नीचे आपको मिलेगी. इसी के अनुसार वहाँ के उद्योगो का विस्तार किया जायेगा .

जिला (District name)उत्पाद का नाम (Product name)जिला (District name)उत्पाद का नाम (Product name)
आगराचमड़ाबहराइचहस्तकला उत्पाद
अमरोहाढोलकबरेली

ज़री-ज़रदोज़ी

अलीगढ़हार्डवेअरबलियाबिन्दी
औरैयादूध का समान(घी)बस्तीकाष्ठ कला
प्रयागराज (इलाहबाद)मूंज (पेरु)बलरामपुरदाल
आजमगढकाली मिट्‍टी से बने उत्पादभदोहीकालीन
अम्बेडकर नगरकपड़ाबांदापत्थर शिल्प
अमेठीमूंजबिजनौरकाष्ठ कला
बदायूंजरी जरजोदि वर्कबाराबंकीवस्त्र
बागपतघऱ सजाने का समानबुलंद शहरचीनी मिट्‍टी के बर्तन
चंदौलीजरी जरजोदिफैजाबदगुड़
चित्रकूटलकड़ी के खिलौनेफर्रुखाबादछपाई
देवरियाघऱ सजाने का समानफतेहपूरचादर
इटावावस्त्रफिरोजाबाद (अयोध्या)काँच का समान
एटाघुंघरु, घंटीगौतमबुध्य नगररेडीमेड कपड़े
गोरखपुरटेराकोटा समानझांसीखिलौने
हाथरसहींगमिर्जापुरकालीन
कानपुरचमड़ावाराणसीबनारसी साड़ी
सीतापूरदरीरामपुरपेंच वर्क
महोबागौरा पत्थरलखनउचिकनकारी

जालौन

हस्तनिर्मित कागजमहाराजगंजफर्निचर

Update 

31/7/2018

हमारे देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 10 अगस्त को ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत एमएसएमई शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के उत्तरप्रदेश राज्य में किया जाना है. यह शिखर सम्मेलन सूक्ष्म, छोटे और माध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए होगा. ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना को पारम्परिक उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए डिजाईन किया गया था. राज्य के एमएसएमई मंत्री सत्यदेव पचौरी के अनुसार यह योजना एमएसएमई के साथ 20 मिलियन श्रमिकों को एकीकृत करेगी.    

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