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धान अधिप्राप्ति योजना झारखण्ड 2018-19 फॉर्म | Paddy Procurement Scheme [MSP] in Jharkhand In Hindi

धान अधिप्राप्ति योजना झारखण्ड 2018-19 पंजीयन कैसे करे (Paddy Procurement Scheme in Jharkhand In Hindi) MSP Rate, Form, Apply, Documents, Eligibility, Last Date

झारखण्ड क्षेत्र में चावल की पैदावार सबसे अधिक है, वहां का मौसम, जलवायु एवं मिट्टी सभी धान की खेती के लिए उचित मानी जाती है. इसी के चलते झारखण्ड में धान अधिप्राप्ति (खरीद) योजना को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. झारखण्ड सरकार की योजनाएं किसानों को बहुत फायदा देती है. इस योजना के द्वारा केंद्र सरकार द्वारा निश्चित की गई धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ही धान की बिक्री होगी।  इस योजना से राज्य के किसान को बहुत फायदा होगा, उनको उनकी मेहनत की सही कीमत मिलेगी, साथ ही आर्थिक रूप से वे मजबूत होंगें। साथ ही जो बिचोलिये किसान से कम दाम में अनाज लेकर अधिक में बेचते है, उनका व्यापार पर सरकार प्रतिबन्ध लगाएगी। मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) सरकार द्वारा तय कीमत है, जिससे सभी को मानना अनिवार्य है, कोई भी इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं कर सकता है.

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नामधान अधिप्राप्ति योजना
प्रदेशझारखण्ड
दिनांक27 नवंबर
लागु कीमुख्यमंत्री रघुवर दास
लाभार्थीकिसान
लास्ट डेट31 मार्च 2019

27 नवंबर को झारखण्ड में राज्य की कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसमें झारखण्ड मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धान अधिप्राप्ति योजना का निर्णय लिया।

योजना के मुख्य बिंदु

  • खरीद केंद्र सरकार ने राज्य के सभी हिस्सों में खरीद के लिए योजना शुरू की हैं , इसके लिए 293 केंद्र चुने गए है, जहाँ किसान धान की बिक्री कर सकता है. भविष्य में और अधिक केंद्र भी इस लिस्ट में जोड़े जा सकते है.
  • धान की कीमत झारखंड सरकार आम किसानों से धान 1750 रूपए/ क्विंटल कीमत पर खरीदेगी, यह कीमत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई है.
  • बोनस सुविधा इस योजना के अलावा, कृषि श्रमिकों को अतिरिक्त बोनस भी दिया जायेगा।
  • मुख्य तारीख धान अधिप्राप्ति योजना के अंतर्गत धान की खरीद 1 दिसंबर 2018 से शुरू हो जाएगी,जो 31 मार्च 2019 तक चलेगी। इस बीच किसान इन केंद्र में जाकर अपने धान को खरीददार को बेच सकते है.
  • संथाल परगना क्षेत्र में आने वाले जिले गोड्डा, देओघर, जामतारा में राज्य सरकार धान की खरीद विकेन्द्रीकृत सिस्टम के द्वारा करेगी।
  • धान की आसान खरीद के मार्ग प्रशस्त करने के लिए, झारखंड सरकार ने पहले से ही कई नियमों को बदल दिया है, जो भारत के खाद्य निगम के तहत आते हैं।
  • नोडल एजेंसी राज्य सरकार ने घोषणा की है कि खाद्य निगम (FCI) नोडल एजेंसी का हिस्सा बनेगी। इस मुख्य केंद्र के लिए पालमु क्षेत्र को चुना गया है. इसके अलावा उत्तर और दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र और संथाल परगना एवं कोल्हाण क्षेत्र के लिए  राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

हर एक धान खरीद केंद्र में एक सरकारी अधिकारी, एक पीएसीएस अधिकारी और एक ऑपरेटर होगा, ये लोग सभी किसान और धान खरीद का लिखित में जानकारी रखेंगें। इनको केंद्र में होना अनिवार्य है, ये अधिकारी खरीद की जानकारी को सरकार तक पहुचाएंगें।

पात्रता (Eligibility Criteria) –

  • झारखण्ड के किसान – योजना का लाभ सिर्फ झारखंड के किसानों को ही मिलेगा, दूसरे प्रदेश के किसान इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते है.
  • पंजीकृत किसान इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो धान की खेती करते है. सरकार इस योजना के अंतर्गत किसानों से सिर्फ धान की खरीद करेगी।
  • पर्सनल आईडी किसानों को अपनी कोई भी आईडी दिखानी अनिवार्य है, जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि.
  • बैंक की जानकारी धान की खेती से जुड़े सभी इच्छुक कृषि मजदूरों को अपने बैंक खाते के विवरण जमा करना अनिवार्य है। सरकार सभी लेनदेन बैंक खाते के माध्यम से ही करेगी। किसान जिनके पास बैंक खाता नहीं है, इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते है.

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आवेदन प्रक्रिया (Application Process) –

  • राज्य सरकार ने मुख्य रूप से कहा है कि इस योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए कोई अतिरिक्त नामांकन आवश्यक नहीं है।
  • सभी किसानों को इस योजना के बारे में एक एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को एसएमएस मैसेज भेजा जाएगा।
  • एसएमएस (SMS) में निकटतम धान खरीद केंद्र के बारे में जानकारी होगी।
  • मेसेज प्राप्त करने के बाद इच्छुक किसानों को धान खरीद केंद्रों के प्रभारी अधिकारियों को सम्पर्क करना होगा।
  • अधिकारी प्रत्येक किसान को एक टोकन नंबर और एक तारीख बताएगी। इस तारीख पर किसान को केंद्र तक पहुंचना होगा और टोकन जमा करना होगा।
  • अधिकारी धान का निरीक्षण करेंगे और बिक्री विवरणों को नोट करेंगे।
  • खरीद पूरी होने के बाद और सारी औपचारिकता होने के बाद, धान की कीमत किसानों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT, NEFT) द्वारा भेजी जाएगी। फसल बेचने के 15 दिन के अंदर किसानों को उसकी कीमत मिल जाएगी।

झारखण्ड राज्य सरकार ने योजना के सफल काम के लिए 200 करोड़ का बजट दिया है. इस योजना का लाभ किसानों को मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर हो सकती है.

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Tags: JharkhandWomen Girl Child
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