प्रधानमंत्री ग्राम समृद्धि योजना 2019 | PM Gram Samridhi Yojana in Hindi

प्रधानमंत्री ग्राम समृद्धि योजना 2019 (Pradhan Mantri (PM) Gram Samridhi Yojana in Hindi) (Jobs in Micro Food Processing Sector)

हमारे देश में अक्सर देखा जाता हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार की बहुत कमी होती है. क्योंकि अधिकतर उद्योग एवं व्यवसाय के लिए लोग शहर जाते हैं जिसके कारण गाँव में अब तक रोजगार नहीं पहुँच सका है. किन्तु अब गांव में भी रोजगार पहुँचाने के लिए केन्द्रीय सरकार ने एक योजना की शुरुआत करने का फैसला किया है. इस योजना के तहत गांव में रहने वाले विशेष रूप से किसानों के बच्चों को रोजगार के लिए कही और जाने की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए अब सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार के अवसर गांव में ही प्रदान किये जायेंगे. केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली वह योजना कौन सी हैं एवं उसकी क्या – क्या विशेषताएं यह जानने के लिए इस लेख में नजर डालें.

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 लांच की जानकारी (Launched Details) 

क्र. म. योजना की जानकारी बिंदु योजना की जानकारी
1. योजना का नाम प्रधानमंत्री ग्राम समृद्धि योजना
2. योजना की शुरुआत सन 2019 में
3. योजना की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा
4. संबंधित विभाग / मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
5. योजना के लाभार्थी गांव के बेरोजगार नागरिक
6. योजना में फंडिंग वर्ल्ड बैंक द्वारा की जाएगी

योजना की विशेषताएं (Key Features)

  • गांव का विकास :- इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित किये जा सकते हैं. इसके साथ – साथ गांव में व्यवसाय इनक्यूबेटर भी प्रदान किये जायेंगे, जिससे गांवों का विकास संभव हो सकेगा.
  • योजना का मुख्य उद्देश्य :- इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे छोटे किसान उत्पादक संगठनों और व्यक्तिगत खाद्य प्रोसेसर को सब्सिडी प्रदान करना है, जो बहुत कम पूँजी निवेश कर पाते हैं और उनकी ऋण तक पहुँच भी नहीं है. इसके साथ ही गांव में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं स्थापित करना, उनकी मौजूदा क्षमताओं एवं प्रदर्शन को बढ़ाना एवं उन्नत करना और फार्म – टू – मार्केट सप्लाई चैन को मजबूत करना आदि भी इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है.
  • दी जाने वाली सुविधा एवं सहायता :- इस योजना के तहत गांव में रहने वाले छोटे किसानों को देश में 70,000 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण यूनिट बनाने की सुविधा प्रदान की जाएगी. प्रत्येक यूनिट के लिए पूँजी निवेश 10 लाख रूपये से कम होगा. इससे किसान नौकरी के अवसर ढूँढने के बजाय नौकरी पैदा करने वालों में बदल जायेंगे. साथ ही इस योजना में उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिए प्रोत्साहन, मौजूदा यूनिट में टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने, यूनिट के मैनेजमेंट में सुधार करने और तकनीक में सहायता भी दी जाएगी.
  • सब्सिडी :- इस योजना में बैंक से ब्याज पर 3 % से 5 % तक सब्सिडी प्राप्त की जा सकती हैं.
  • ऑनलाइन सुविधा :- इस योजना में सब्सिडी के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है.
  • विशेष फोकस :- इस योजना में विशेष रूप से इस क्षेत्र में नौकरियां पैदा करने, खाद्य प्रसंस्करण की यूनिट्स को वित्त पोषित करने के लिए एक गैर – बैंकिंग फाइनेंस कंपनी की स्थापना करने, राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण नीतियों को आगे बढ़ाने और ‘भारत के विश्व खाद्य कार्यक्रम’ को बड़े पैमाने तक फ़ैलाने में फोकस किया जायेगा.
  • ग्राम समृधि योजना में फंडिंग :- इस योजना में कुल 3,000 करोड़ रूपये का वित्त पोषण किया जाना है जिसमें वर्ल्ड बैंक का विशेष समर्थन शामिल होगा. अर्थात इसमें 1,500 करोड़ रूपये वर्ल्ड बैंक द्वारा दिए जायेंगे, वहीँ 1,000 करोड़ रूपये केंद्र द्वारा वहन किये जायेंगे और बाकी के 500 करोड़ रूपये राज्य की सरकारें लगाएंगी.
  • पहले चरण में :- इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत पहले चरण में 4 राज्यों में अर्थात आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में की जायेगी और बाद में इस पहल को पूरे देश में विस्तारित किया जायेगा.
  • कुल अवधि :- इस योजना में पूरे देश को कवर करने के लिए 5 साल की अवधि निर्धारित की गई है.
  • योजना का लक्ष्य :- इस योजना को बढ़ाने एवं गांव के विकास के लिए असंगठित क्षेत्रों के लगभग 25 लाख खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को लक्षित किये जाने का प्रावधान है.

इस तरह की योजना गांव के विकास की ओर बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है. और इससे न सिर्फ गांव का विकास होगा, बल्कि इसके साथ – साथ गांव में रहने वाले लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो सकेगा.  

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One comment

  1. Bhut sunder yojnaye hai inka sidha janta ko jodker kiya isme ngo kisi bhumika mahatvapurn hai

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