पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड योजना | PM Modi Health ID Card in hindi

पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड योजना (नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन) 2021 (National Digital Health Mission in Hindi, PM Modi Health ID Card)

देश में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक नयी शुरुवात की है वन नेशन वन हेल्थ आईडी कार्ड. अभी कोरोना काल में सभी देखा है कि देश में स्वास्थ्य सेवा बहुत ही ख़राब हालात में है, बड़े शहर में तो ठीक है लेकिन छोटे शहर, गाँव में आज भी हम बहुत पीछे है. लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा के लिए एक शहर से दुसरे शहर जाना होता है, जहाँ उस इन्सान की साड़ी रिपोर्ट ले जाना होता है, जो कई बार मुमकिन नहीं होता है, या लोग भूल जाते है, या उनसे घूम हो जाती है. ऐसी परिस्थिति में उस व्यक्ति को सही और अच्छा इलाज नहीं मिल पाता है. सरकार ने इन सब बातों को ध्यान में रखकर नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुवात की है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की सबसे बड़ी जरुरत को समझते हुए पीएम मोदी जी ने हेल्थ कार्ड शुरू होने की घोषणा की है. इसको लागू करते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी ने की है बताया कि समस्त देशवासियों को एक हेल्थ आईडी दी जाएगी जिसमें देश के प्रत्येक नागरिक का पूरा स्वास्थ्य का संपूर्ण लेखा-जोखा होगा। पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड क्या है, इसके लाभ, आवेदन प्रक्रिया सभी जानकारी आपको हमारे आर्टिकल में मिलेगी, इसे ध्यान से अंत तक पढ़ें.

pm-modi-health-id-card-national-digital-mission

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

नाम

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

कार्ड का नाम

वन नेशन वन हेल्थ आईडी कार्ड या पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड

लाभार्थी

भारत के नागरिक

किसने घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

विभाग

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार

पोर्टल

अभी नहीं है

मोबाइल एप्प

जल्द शुरू होगी

हेल्पलाइन

अभी नहीं है

आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड – भारत की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है, आप भी कार्ड बनवाकर उठायें लाभ.

पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड क्या है –

मोदी जी ने देश में नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लागु करते हुए बताया कि समस्त भारत देश में सबके लिए एक हेल्थ आईडी कार्ड शुरू होगी. अब हर एक भारतवासी के पास उसकी हेल्थ आईडी होगी, जिसमें जन्म से लेकर उसकी हर बीमारी की जानकारी उस कार्ड में होगी. आप किसी भी डॉ के पास जाकर उस कार्ड को दिखाएंगें, कार्ड की आईडी से लॉग इन कर उस इन्सान की समस्त बीमारियों की हिस्ट्री आपको दिखाई देगी. इससे किसी भी इन्सान को समस्त बीमारी को देखकर बेहतर रिजल्ट मिल सकेगा.

वन नेशन वन हेल्थ आईडी कार्ड लागु प्रक्रिया –

हेल्थ आईडी कार्ड में डाटा रखने के लिए मोबाइल एप्प, ऑनलाइन पोर्टल वेबसाइट संचालित की जाएगी, जिस पर प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और डॉक्टर का संपूर्ण लेखा-जोखा शामिल किया जाएगा. प्रत्येक नागरिक के रिकॉर्ड को पूरी तरह से प्राइवेट रखा जायेगा। यदि कोई व्यक्ति अपने निजी रिकॉर्ड दिखाने की अनुमति देगा तब ही कोई डॉक्टर या दूसरा नागरिक उस व्यक्ति की जानकारी को देख सकेगा।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना राजस्थान – मुफ्त में ले स्वास्थ्य सेवा का लाभ, सरकार उठाएगी खर्चा.

वन नेशन वन हेल्थ आईडी कार्ड के लाभ –

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन 4 स्तम्भों पर टिका होगा तो चलिए जान लेते हैं वह 4 स्तम्भ कौन से होंगे और किस प्रकार काम करेंगे?

यूनिक हेल्थ आईडी

केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिक को एक यूनिक हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी और विकल्प दिया जाएगा कि वह उसे अपने आधार कार्ड से लिंक करवाना चाहते हैं अथवा नहीं। प्रत्येक नागरिक की हेल्थ आईडी उनके राज्यों अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब के साथ-साथ फार्मा कंपनी में मौजूद होगी। यह आईडी कुछ इस प्रकार तैयार की जाएगी जो पूरी तरह से स्वैच्छिक तरीके से काम करेगी। इस योजना के अंतर्गत नागरिक का एक डिजी लॉकर बनाया जाएगा जिसमें नागरिक से जुड़ी संपूर्ण जानकारी वह दर्ज करा सकेगा जो सीधे ही सरकारी कम्युनिटी क्लाउड में स्टोर हो जाएगी। यूनिटी क्लाउड स्टोर नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है जो पूरी तरह से डिजिटल ऑनलाइन पेपर लेस में काम करेगा जिसमें कागजात की जरूरत भी नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति इस योजना के तहत किसी अन्य स्वास्थ्य सेवा योजना का लाभ भी उठाना चाहता है तो उसे अपनी पर्सनल हेल्थ आईडी को उस योजना में आवेदन कर लिंक कराना अनिवार्य होगा।

डीजीडॉक्टर

इस प्लेटफार्म की मदद से देश के प्रत्येक डॉक्टर को एक यूनिक पहचान आईडी प्रदान की जाएगी। जो नंबर डॉक्टरों को राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की ओर से रजिस्ट्रेशन के दौरान प्रदान किया जाता है, वह नंबर इस नंबर से अलग होगा। डॉक्टर को उनकी सहायता के लिए डिजिटल हस्ताक्षर भी प्रदान किए जाएंगे, जिसकी मदद से वे आसानी से मरीजों को ऑनलाइन ही उचित इलाज बता सकेंगें। जो भी डॉक्टर इस योजना के तहत डिजिटल हस्ताक्षर बनवाना चाहेंगे उनसे डिजिटल हस्ताक्षर बनाने की फीस ली जाएगी। हालांकि यह सेवा पूरी तरह से निशुल्क होगी ना तो किसी यूज़र और ना ही किसी डॉक्टर को इस योजना के अंतर्गत किसी राशि का भुगतान करना होगा। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक राज्य के प्रत्येक डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन भी एकत्र किया जाएगा।

वन नेशन वन राशन कार्ड क्या है – अब देश के किसी भी कोने में राशनकार्ड धारक मुफ्त राशन बिना किसी चारग के ले सकते है.

स्वास्थ्य सुविधा पहचानकर्ता

राज्य के प्रत्येक डॉक्टर और प्रत्येक मरीज को हर तरह की सुविधा योजना के तहत यूनिक इलेक्ट्रॉनिक पहचान के जरिए दी जाएगी। इस योजना के तहत डॉक्टर और मरीज दोनों को आसानी से एक प्लेटफार्म मिल पाएगा, जहां पर मरीज अपनी समस्या बता कर किसी भी डॉक्टर से उसका हल प्राप्त कर पाएंगे।  मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत में अभी पूरी तरह से अस्पताल खोलना एक कठिन प्रक्रिया है। क्योंकि अस्पताल खोलने के दौरान बहुत विभिन्न आवश्यकताओं के लिए अलग-अलग एजेंसियों क्लीयरेंस और रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता पड़ती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुवात की जा रही है, जिसके तहत देश के प्रत्येक नागरिक और डॉक्टर को एक साथ एक जगह एक प्लेटफार्म के नीचे लाने की तैयारी की जा रही है।

निजी स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स (Private Health Record)

योजना के अंतर्गत एक नयी वेबसाइट और मोबाइल एप्प बनाई जाएगी, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सारी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सेव की जाएगी। प्रत्येक नागरिक के जन्म से लेकर प्रतिरक्षा सर्जरी प्रयोगशाला टेस्ट से जुड़ी सारी जानकारी उनकी हेल्थ आईडी में सम्मिलित की जाएगी। प्रत्येक नागरिक की हेल्थ आईडी को नागरिक की आईडी से लिंक करा दिया जाएगा। इसी कारणवश इस प्रक्रिया को निजी हेल्थ रिकॉर्ड के नाम से जाना जा रहा है जिसमें प्रत्येक नागरिक अपने डेटा को प्राइवेट रख सकता है और जिसे चाहे उसे आईडी द्वारा शेयर भी कर सकता है।

इस योजना में एक कंसेंट मैनेजर काम करेगा जिसके तहत यदि कोई भी डॉक्टर किसी मरीज का डाटा या मरीज की रिपोर्ट देखना चाहता है तो उसका सिग्नल मैनेजर के पास पहुँच जायेगा और मैनेजर उस डॉक्टर को एक सिमित समय तक रिपोर्ट देखने की परमिशन देगा. सरकार इस तरह का सॉफ्टवेयर बनाने की तैयारी कर रहा है जिसमें यदि मरीज ना चाहे तो सरकार भी उस नागरिक का डाटा चेक नहीं कर सकती। यह डाटा पूरी तरह नागरिक द्वारा ही संचालित होगा, वो चाहेगा तो ही उसे कोई देख सकता है, और उसमें कोई एडिट कर सकता है.

हेल्थ कार्ड योजगा इस राज्यों में होगी शुरू –

शुरुवात में इस योजना को केन्द्रीय सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर में केंद्र शासित प्रदेश में शुरू करेगी. देश के केंद्र शासित प्रदेश – पोंडिचेरी, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली, लद्दाख, लक्ष्यद्वीप, चंडीगढ़, दमनद्वीप में इसे शुरू करने की तैयारी है. यहाँ पर सरकार अधिकारीयों को आदेश दे चुकी है कि वे इन राज्यों के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, हॉस्पिटल का डाटा इक्कठा कर रजिस्ट्रेशन शुरू कर दे. यहाँ सुचारू रूप से चलने के बाद पुरे भारतवासियों को इस हेल्थ आईडी कार्ड लाभ मिलने लगेगा.

सरकार ने यह भी क्लियर किया है कि नेशनल हेल्थ कार्ड का लाभ लेना है कि नहीं यह पूरी तरह से डॉक्टर और उस व्यक्ति पर निर्भर करेगा. अभी सरकार से इसे देश में अनिवार्य नहीं किया है, अभी लोगों पर निर्भर है कि वो इसका लाभ ले या नहीं.

आधार कार्ड केंद्र – आधार कार्ड अपडेट करवाना है, तो घर बैठे पता करें नजदीकी आधार केंद्र का पता

पीएम मोदी हेल्थ कार्ड की विशेषताएं –

  • कार्ड में व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधित सभी जानकारी होगी, इसमें उस व्यक्ति के ब्लड ग्रुप की जानकारी, पिछले बीमारी स्वास्थ्य की जानकारी, डॉक्टर के पर्चे की जानकारी आदि
  • डिजिटल हेल्थ कार्ड 14 डिजिट का यूनिक नंबर होगा.
  • जो हेल्थ कार्ड होगा, उसमें एक यूनिक क्यूआर कोड होगा, जो सभी कार्ड में अलग-अलग होगा.
  • हर व्यक्ति के पास एक यूजर आईडी पासवर्ड होगा, जिसमें उसका मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा. लॉग इन के समय उसमें ओटीपी के द्वारा ही लॉग इन किया जा सकेगा.

दिल्ली आयुष्मान भारत योजना : दिल्ली निवासी अब मुफ्त में ले सके स्वास्थ्य सेवा का लाभ.

FAQ

Q: स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ की गई नई योजना का क्या नाम है?

Ans: नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

Q: नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है?

Ans: कोरोना काल के इस दौर में जहां डॉक्टर्स की बहुत ज्यादा कमी है ऐसे में बहुत सारे डॉक्टर अपने घरों पर बैठे हैं लेकिन बहुत सारे मरीज इस बात से परेशान भी हैं क्योंकि उनका सही प्रकार से इलाज नहीं हो पा रहा है। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के जरिए प्रत्येक मरीज को सही डॉक्टर की प्राप्ति हो पाएगी और वे अपने सही इलाज को कराने में सक्षम हो सकेंगे।

Q: नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन में बनाई गई हेल्थ आईडी के अंतर्गत एक मरीज किन स्थानों से अपनी आईडी जोड़ सकेगा?

Ans:  एक नागरिक जो अपनी मरीज आईडी इस मिशन के अंदर बनाएगा वह अपनी आईडी को राज्य के अस्पतालों पैथोलॉजिकल लैब और फार्मा कंपनियों के साथ जोड़ सकेगा और अपनी बीमारी और रिपोर्ट के अनुसार ही अपने सारे काम घर बैठे कर पाएगा। जैसे अपनी बीमारी से जुड़ी रिपोर्ट प्राप्त करना दवाइयां प्राप्त करना और किसी डॉक्टर से सलाह लेना।

Q: नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों को कैसे सहायता प्राप्त होगी?

Ans: कोरोना की वजह से कुछ ही डॉक्टर कार्यशील है बाकी डॉक्टर जैसे हड्डी के डॉक्टर कान के डॉक्टर आपके डॉक्टर गले के डॉक्टर ऐसे बहुत सारे डॉक्टर के क्लीनिक बंद है लेकिन इस मिशन के जरिए बहुत सारे ऐसे डॉक्टर जरूरतमंद मरीजों के साथ जुड़ कर उनकी सेवा कर सकेंगे।

Q: क्या इस नेशनल डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत डीजीडॉक्टर बनने के लिए डॉक्टरों को फीस देनी होगी?

Ans: इस मिशन के अंदर अपनी आईडी बनाते समय डॉक्टरों को कोई भी फीस नहीं देनी होगी परंतु यदि वह अपना रजिस्टर डिजिटल हस्ताक्षर प्राप्त करना चाहते हैं तो उन्हें एक निश्चित राशि का भुगतान करना होगा।

अन्य पढ़ें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *