किसानों के लिए मुफ्त योजना – मिट्टी की गुणवत्ता को जांचने हेतु घर आकर करेंगे जांच, सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत

प्रधानमंत्री मोदी जी देश में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे है. उनकी आय में तभी इजाफा हो सकता है जब किसानों की फसल उत्पादन अधिक हो, लेकिन खर्च कम हो. देश के बहुत से किसान अभी भी पुराने तरीके से खेती करते आ रहे है, जिससे उनकी बहुत अधिक पूँजी उसमें व्यय हो जाती है. समय के साथ देश की जलवायु, मिटटी सभी में परिवर्तन हो गया है, ऐसे में जरुरी है कि किसान अपने खेती करने के तरीके को भी समय के साथ बदलते रहे. देश में किसानों को आधुनिक खेती के बारे में जानकारी देकर उसको अपनाने के लिए सरकार लगातार उनसे आग्रह करती है, इसके लिए बहुत से कार्यक्रम भी चलाये जा रहे है, जहाँ किसानों को इसका पूरा ज्ञान दिया जाता है. आधुनिक खेती के अंदर एक जरुरी प्रक्रिया है मिटटी की जांच.

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 खेती में मिटटी की जांच कैसे होती है?

भारत देश की जलवायु लगातार बदल रही है, यहाँ की मिटटी में भी परिवर्तन हो रहा है. किसान अगर अपने खेत में लगातार एक ही फसल लगाते रहते है तो उसकी मिट्टी में बहुत से पोषण ख़तम हो जाते है, जिससे उसकी फसल उतनी अच्छी नहीं होती है. हमारे देश की सरकार ने खेतों की मिट्टी की जांच के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड (साइल हेल्थ कार्ड योजना) शुरू की है. योजना के तहत खेत की मिटटी की जांच होगी, जिसमें पता चलेगा कि मिटटी कैसी है, क्या कमी है, किस चीज की खेती हो सकती है, क्या उर्वरक डाले जा सकते है.

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (साइल हेल्थ कार्ड योजना) –

मृदा परीक्षण के द्वारा किसानों को उनके खेत की तत्कालीन मिटटी की स्थिति के बारे में बताया जायेगा. इसके बाद उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जायेगा. किसानों को इस योजना के द्वारा मिटटी की जांच के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा, साथ ही उन्हें सही उर्वरक का उचित प्रयोग करना भी बताया जायेगा. किसानों को उर्वरक के फायदे के बारे में जानकारी दी जाएगी, साथ उन्हें बताया जायेगा कि उसे कैसे और कितनी मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है. सरकार ने मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ किया है. किसानों के घर में अधिकारी जाकर मिटटी का सेम्पल लेंगें और उनको तुरंत घर पर ही मिटटी की जानकारी दी जाएगी.

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मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का चलन अभी कुछ समय पहले ही शुरू हुआ है, और यह देश में धीरे –धीरे बढ़ रहा है, ताकि किसानों को अपनी मिटटी की जांच के लिए यहाँ वहां भटकना न पड़े. मोबाइल प्रयोगशाला के पहले देश में कई स्थानों पर स्थिर रूप से मृदा परीक्षण प्रयोगशाला चलती आ रही है. यहाँ पर किसान खुद अपनी मिटटी का सैंपल लेकर जाते है, और जांच करवाते है. इन केन्द्रों तक आने जाने और रिपोर्ट आने में बहुत समय ख़राब होता था. सरकार ने किसानों की राह को और आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की है.

मिट्टी में किन तत्वों की होगी जांच –

मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालायें में सारी जानकारी होगी, ये आधुनिक रूप से तैयार किया गया सॉफ्टवेर है, जिसमें सभी तरह के परीक्षण उपकरण होंगें. ये सॉफ्टवेर मुख्य रूप से मिटटी के सूक्ष्म और समग्र पोषक तत्व की जांच करेगी. इसके साथ ही इन मोबाइल प्रयोगशाला की एप्प में किसानों को आधुनिक खेती के बारे में जानकारी देने के लिए कृषि से जुड़े कई विषयों पर ऑडियो-विडियो भी उपलब्ध होंगें.

मिट्टी की जांच के उद्देश्य –

  • मिटटी में कौन-कौनसे पोषक तत्व है, उसकी तत्कालीन स्थति के बारे में मृदा स्वास्थ्य कार्ड के द्वारा अधिकारी किसानों को जानकारी देते है.
  • मिटटी में कौनसे पोषक तत्व है, उनसे किसकी खेती हो सकती है, यह सभी जानकारी दी जाती है.
  • मिटटी की कौनसी दशा है, उसे कैसे ठीक किया जा सकता है, क्या उर्वरक डालें, कैसे सुधार होगा, सभी जानकारी किसानों को मिलेगी.
  • सही और संतुलित उर्वरक के बारे में जानकारी देना और उसकी मात्रा के बारे में जानकारी देना.

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साइल हेल्थ कार्ड प्रयोग के फायदे –

  • एक अध्यन के अनुसार साइल हेल्थ कार्ड के प्रयोग से किसानों को प्रति एकड़ 30 हजार तक का फायदा हो सकता है.
  • इसके प्रयोग से किसानों को सही जानकारी मिलती है, जिससे उर्वरक की बचत होती है और उत्पादन में वृद्धि के द्वारा आय बढ़ेगी.
  • साइल हेल्थ कार्ड के द्वारा मिटटी की जांच होने से महंगे नाइट्रोजन उर्वरक के प्रयोग में कमी आएगी. यूरिया जैसे उर्वरक बहुत महंगे आते है, किसान बिना जानकारी के इनका गलत उपयोग कर लेते है, जिससे मिटटी को नुकसान तो होता की है साथ ही खर्च भी अधिक हो जाता है. सही जानकारी से सही चीज का उपयोग होगा.

साइल हेल्थ कार्ड आधिकारिक पोर्टल –

सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड की आधिकारिक साईट भी शुरू की है. इसमें आप खेती से जुडी सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है.  यहाँ आपको इसकी मोबाइल एप्प भी मिल जाएगी, जिसे डाउनलोड कर के आप मिटटी के परीक्षण के लिए अधिकारीयों को घर भी बुला सकते है.

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