उत्तर प्रदेश बजट 2018-19 in hindi Uttar Pradesh Budget highlights

उत्तर प्रदेश बजट 2018-19  Uttar Pradesh Budget highlights list of schemes Farmers Women Youth dairy Animal Husbandry

16 फरवरी 2018 के दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल का दूसरा बजट प्रस्तुत किया. इस बजट के पूर्व उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में सारे निर्णय लिए गये. इसके बाद वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कुल 428384.52 करोड़ रुपय का कुल बजट पेश किया. इसके अलावा उत्तर प्रदेश बजट में 14341.89 करोड़  रुपय की नयी योजनाओं की घोषणा भी की.

इस बजट में किसान, युवा, विद्यार्थी, अल्पसंख्यक और महिलओं सबके लिए कुछ ना कुछ लाभ दिया गया. इन सबके अलावा उत्तर प्रदेश की सडको को बेहतर बनाने के लिए भी बड़े निर्णय लिए गये है. आइये इन सभी को विस्तार से जानते है.

Yogi budget

कृषि क्षेत्र में दिये जाने वाले लाभ  Allied and Agricultural sectors

  • कृषि क्षेत्र को सर्वोपरी मानते हुये खाद्य उत्पादन के लिए 581.60 मेट्रिक तन का लक्ष्य रखा गया है. वही तेल निर्मित करने वाले बीजों के लिए 11.28 मेट्रिक तन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
  • कृषि सिंचाई को आसन बनाने के लिए 5 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए खेत तालाब योजना लांच करने का निर्णय लिया गया है. सोलर सिंचाई पंपों की स्थापना के लिए 131 करोड़ का अलोट किये गये है.
  • खेतो की सिंचाई के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए 24 करोड़ का बजट तय किया गया है.
  • प्रदेश की प्रमुख फसल गन्ना उत्पादन के लिए 1.65 हेक्टेयर में उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. गन्ना उत्पन्न करने वाले किसानों को 80 लाख क्विंटल अच्छी किस्म के बिज उत्पन्न कराये जायेंगे.
  • इस वर्ष रबी की फसल के समय 50 लाख मेट्रिक टन गेंहू किसानों से खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा गेंहू की खरीदी को असान बनाने के लिए नये 5500 केंद्र भी खोले जायेंगे.

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्र विकास :

  • उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास पालिसी 2012 के लिए 600 करोड़ की राशि और नयी औद्योगिक नीतियों के लिए 500 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मेट्रो पर काम चालू करने का है, इसके लिए 5 शहरो का चयन किया गया है. यह 5 भाग्यवान शहर वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, इलाहाबाद और झाँसी है.
  • उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस वे और सड़क और पुल बनाने के लिए निर्णय लिए गये, इसके अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए 1000 करोड़ रुपय, आगरा एक्सप्रेस वे के लिए 500 करोड़ रुपय, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए 650 करोड़ रुपय, और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए 550 करोड़ रुपय का बजट अलोट किया गया.
  • इसके अतिरिक्त राज्य की सडको को दुरुस्त करने के लिए 11343 करोड़ रुपय और नये ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 1817 करोड़ रुपय का बजट रखा गया है.
  • गाजियाबाद में मौजूद कैलाश मानसरोवर भवन और कानपूर और आगरा के भवनों को भी पुनः निर्माण कर सहीं किया जायेगा.
  • इसके अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण चीज प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए 5000 करोड़ का बजट रखा गया है.
  • मुख्यमंत्री योजना के तहत सबसे अच्छी ग्राम पंचायतो को प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ की प्रोत्साहन राशि और शमशान और इस तरह के अन्य जगहों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • एक जिला एक उत्पाद योजना को बढ़ावा देने के लिए 250 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है इसके अलावा नये उद्योगो को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है.

सहकारी समितियों को मिलने वाले लाभ :

  • कृषि उर्वरको के संग्रहण के लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है. इसके अलावा किसानों के फायदे के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ का बजट रखा गया है.
  • सहकारी समिति को आधुनिक रूप देने के उद्देश्य से कम्पूटर कार्य के लिए 31 करोड़ की राशि दी गयी है है.

पशुधन से संबंधित लाभ :

  • 75 करोड़ रुपय की राशि पंडित दीनदयाल उपाध्याय मिनी डेयरी योजना के लिए रखी गयी है. इसके अलावा पंडीत दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला आयोजन के लिए भी 15 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • इसके अतिरिक्त पशु स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए 100 करोड़ की राशि पशु स्वास्थ और रोग नियंत्रण के लिए अलग की गयी है. इसके अलावा पशु स्वास्थ्य के लिए चल रहें अस्पतालों को भी बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए 27 करोड़ का बजट दिया गया है.

दुग्ध उत्पादन विकास के लिए लाभ :

  • दुग्ध उत्पादन क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ की राशि तय की गयी है. इसके अलावा अब दुध की कीमत का भुकतान अब सीधे किसान के खाते में किया जायेगा.
  • नन्द बाबा पुरुस्कार स्कीम जिसके द्वारा भारतीय नस्ल की मवेशियों से अधिकतम दुध प्राप्त करने की कोशिश की जाती है के लिए 52 लाख रुपय की राशि रखी गयी है.
  • इन सभी के अलावा गोकुल पुरुस्कार के लिए भी 54 लाख की राशि रखी गई है.
  • मछली पालन क्षेत्र में विकास के लिए 25 करोड़ की राशि रखी गयी है. और इस योजना के अच्छे प्रबंधन के लिए भी 20 करोड़ की राशी दी गयी है.

ग्रामीण जन विकास :

  • पहले से चल रही प्रधान मंत्री आवास योजना को गति देने के लिए 11 हजार 5 सौ करोड़ रुपय का बजट दिया गया है. इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 1040 करोड़ का बजट दिया गया है.
  • इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के लिए 1500 करोड़ की राशि और राज्य ग्रामीण पेय जल योजना के लिए 120 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 200 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है.

हस्तकला, वस्त्र उद्योग और खादी उद्योग को मिलने वाले लाभ :

  • उत्तर प्रदेश के हस्तकला, पावरलूम, सिल्क और गारमेंट उद्योग के विकास के लिए 50 करोड़ की राशि तय की गयी है. इसके अलावा इन क्षेत्रो के लोगो को कम कीमत पर बिजली देने के लिए भी 150 करोड़ की राशि तय की गयी है.
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोदय योजना के लिए 10 करोड़ का बजट दिया गया है. इसके अलावा पंडीत दीनदयाल उपध्याय खादी विपदा विकास योजना के लिए 20 करोड़ का बजट रखा गया है.

मेडिकल और मेडिकल शिक्षण क्षेत्र में मिलने वाले लाभ :

  • प्रधानमंत्री वंदना योजना के लिए 291 करोड़ की राशी दी गयी है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रो में 100 नये आयुर्वेदिक कॉलेज भी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है.
  • झाँसी, गोरखपुर, इलाहाबाद और मेरठ में उपस्थित मेडिकल कॉलेजों को सुपर स्पेशलिटी विभाग के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा कानपूर और आगरा में स्थित 2 मेडिकल कॉलेजों को सुपर स्पेलिटी बनाने के लिए 126 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • डॉ राममनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट में 500 पलंग का सुपर स्पेलिटी हॉस्पिटल बनाने का निर्णय लेने के साथ साथ यहाँ पर पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी किया जायेगा. इसके अलावा इस वर्ष से ग्रेटर नोइडा में स्थित मेडिकल कॉलेज में 100 ऍमबीबीएस सीटों के साथ
  • राज्य में स्थित 5 जिलों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए 500 करोड़ की राशि दी गयी है. इसके अलावा इस वर्ष से ग्रेटर नोइडा में स्थित मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है.
  • कानपूर, गोरखपुर आगरा और इलाहाबाद में मौजूद संस्थान में बर्न यूनिट बनाने के लिए 14 करोड़ की राशि दी गयी है.

किसानों को सिंचाई के लिए मिलने वाले लाभ :

  • सरयू नहर परियोजना के लिए 1614 करोड़ रुपय अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 741 करोड़, मध्य गंगा प्रोजेक्ट के लिए 1701 करोड़ रुपय कन्हार सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपय, बान सागर प्रोजेक्ट के लिए 127 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • इसके अलावा विभिन्न निर्माण कार्य जैसे बाढ़ से नियंत्रण, पानी की सही निकासी आदि के लिए 1004 करोड़ का बजट दिया गया है.

विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ :

  • सर्व शिक्षा अभियान के लिए 18167 करोड़ रुपय की राशि दी गईं है. इसके अलावा पाठ्य पुस्तकों के वितरण के लिए 76 करोड़ और स्कूल ड्रेस के लिए 40 करोड़ की राशि दी गयी है.
  • स्कूलों में दिये जाने वाले मध्यान भोजन के लिए 2048 करोड़ और फलों के वितरण के लिए 167 करोड़ का बजट दिया गया है. इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों के निर्माण, फर्नीचर और पिने के पानी संबंधित व्यवस्था के लिए 500 करोड़ का बजट दिया गया है.
  • प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 480 करोड़ का बजट दिया गया है, इसके अलावा पंडीत दीनदयाल उपाध्याय सरकारी स्कूलों के लिए 26 करोड़ का बजट दिया गया है.
  • राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 167 करोड़ रुपए और मॉडल डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए 37 करोड़ का बजट दिया गया है. इसके अलावा देवी अहिल्या बाई फ्री एजुकेशन योजना के लिए 21 करोड़ का लाभ दिया गया है.
  • रूसा स्कीम के अंतर्गत गोंडा और बस्ती में इंजीनियरिंग कॉलेजों को स्थापना के लिए 14.52 करोड़ का बजट दिया गया है. इसके अलावा कनौज, सोनभद्र और मैनपुरी जिलों में भी इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए 12 करोड़ की राशि और मिर्जापुर और प्रतापगड में भी इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण के लिए भी 12 करोड़ की राशि दी गयी है.

महिलओं और बच्चों को मिलने वाले लाभ:

  • 8115 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं के लिए रखी गयी है. इसमे सबला योजना के लिए 351 करोड़ रुपये, पोषण कार्यक्रम के लिए 3780 करोड़ रुपय, शबरी संकल्प योजना के लिए 524 करोड़, विधवा पेंशन के लिए 1263 करोड़ की राशि रखी गयी है.
  • गरीब परिवार में बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए 250 करोड़ की राशि अलग रखी गयी है.

पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यको के लिए योजना :

  • उत्तर प्रदेश बजट में पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 1750 करोड़ और अल्पसंख्यको के लिए 2757 करोड़ का कुल बजट रखा गया है.
  • पिछड़े वर्ग में बेटियों की शादी के लिए 200 करोड़ रुपय और विद्यार्थियों के लिए 551 करोड़ रुपय की राशि दी गयी है.
  • अल्पसंख्यकों में अरबी फारसी मदरसों के नवनिर्माण के लिए 404 करोड़ और स्कूलों के लिए 486 करोड़ रुपय की राशि दी गयी है. इसके अलावा 215 करोड़ रुपयों की राशि 246 मान्यता प्राप्त मदरसों के विकास के लिए रखी गयी है.

इस प्रकार उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ा बजट दिया गया है. आशा करते है इससे प्रदेश का विकास संभव होगा.

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