श्रेयस योजना 2019 | (SHREYAS) Scheme for Higher Education Youth in Apprenticeship and Skills in hindi

श्रेयस योजना युवाओं के लिए  2019 – 20 (Scheme for Higher Education Youth in Apprenticeship and Skills (SHREYAS)) [Full Form, Online Registration Portal, Eligibility Criteria, Free Training, Skill Devlopment]

देश में छात्रों एवं युवाओं के लिए नौकरी के अवसर उत्पन्न करने के लिए कोई न कोई योजना सरकार द्वारा लाई जाती रही है. जिससे देश के नागरिकों को रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलती है. हालही में केंद्र सरकार द्वारा बेहतर प्लेसमेंट और रोजगार उत्पन्न करने के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त किये हुए युवाओं के लिए एक योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत नए ग्रेजुएट्स छात्रों को विशेष उद्योग में शिक्षा के अवसर प्रदान किये जायेंगे. इस योजना की पूरी जानकारी आप यहाँ पढ़ सकते हैं.

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श्रेयस योजना के लांच की जानकारी (SHREYAS Scheme Launched Details)

क्र. म. योजना की जानकारी बिंदु योजना की जानकारी
1. योजना का नाम श्रेयस योजना 
2. योजना का लांच मानव एवं संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर द्वारा
3. योजना की घोषणा 28 फरवरी, 2019
4. योजना के लाभार्थी नए नॉन – टेक्निकल ग्रेजुएट्स छात्र
5. विभागों द्वारा देखरेख मानव संसाधन विकास मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
6. संबंधित योजना राष्ट्रीय शिक्षा प्रोत्साहन योजना
7. योजना का लक्ष्य 50 लाख छात्र

 

श्रेयस योजना का उद्देश्य (Objectives of The SHREYAS Scheme)

  • श्रेयस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि पढ़े लिखे बेरोजगारों को रोजगार के लिए तैयार करना है. योजना के तहत शिक्षित छात्रों को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा ताकि उन्हें योग्यता के अनुसार रोजगार मिल सके.
  • छात्रों को एक सही तरीके से उनकी मांग के आधार पर उन्हें कौशल प्रदान करना. एवं उच्च शिक्षा में ‘सीखो और कमाओ’ प्रणाली को स्थापित करना भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है.

श्रेयस योजना की विशेषताएं एवं लाभ (Features and Benefits of The SHREAYAS Scheme)

  • छात्रों का विकास एवं रोजगार :- कॉलेज खत्म होने के बाद छात्रों को नौकरी नहीं मिलती है तो शैक्षणिक शिक्षा का कोई मूल्य नहीं रह जाता है. किन्तु इस योजना के साथ केंद्र सरकार द्वारा ऐसे छात्रों को उनके रोजगार को प्राप्त करने का मौका दिया जायेगा.
  • कौशल विकास :- इस योजना के लागू होने से छात्र औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने और सीखने में सक्षम होंगे. इंटर्नशिप के साथ – साथ ट्रेनिंग सेशन उनके कौशल को तेज करेगा. इस तरह से यह योजना छात्रों के कौशल का विकास करेगी.
  • स्टाइपेंड कमाने का अवसर :- इस योजना के तहत आवेदकों को इंटर्नशिप प्रोजेक्ट प्रदान किये जायेंगे, जब छात्र व्यापार की ट्रिक्स सीखेंगे उस दौरान वे इसका उपयोग कर कुछ पैसे भी कमा सकते हैं. जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा.
  • गुणवत्ता वाले मानव संसाधन प्रदान करना :- औद्योगिक क्षेत्र, योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधनों की सहायता के बिना नहीं चल सकता है. इसलिए इस योजना में अच्छी गुणवत्ता वाले मानव संसाधन प्रदान किये जायेंगे.
  • रजिस्टर्ड संस्थाओं की संख्या :- अब तक 40 शैक्षणिक संस्थाएं इस योजना के तहत अपना नामांकन कर चुकी हैं.
  • डिग्री इंटर्नशिप कार्यक्रमों की संख्या :- मानव संसाधन विकास मंत्रालय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारीयों द्वारा यह घोषणा की गई है कि योजना के तहत 7 इंटर्नशिप प्रोजेक्ट विकसित किये गए हैं.
  • कौशल विकास के लिए चुने गए क्षेत्र :– केंद्र सरकार ने एक सूची प्रकाशित की है जिसमें 6 क्षेत्रों के नाम हैं. ये क्षेत्र खुदरा, आईटी, लोजिस्टिक्स, बीएफएसआई, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन विकास आदि है. इन क्षेत्रों में इच्छुक उम्मीदवारों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम बनाये जायेंगे.

श्रेयस योजना को लागू करने में 3 ट्रैक (Three Tracks Implementation of The SHREYAS Scheme)

इस योजना का बेहतर संचालन हो सके इसलिए इस योजना को 3 ट्रैक में लागू किया जायेगा.

  • पहला ट्रैक ऐड ऑन एप्रेंटिसशिप है, जिसके तहत वे छात्र जो वर्तमान में डिग्री पूरी कर रहे हैं, उन्हें कौशल विकास एवं रोजगार मंत्रालय के सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा की गई चयनित सूची में से अपनी पसंद की नौकरी चुनने के लिए बुलाया जायेगा और उन्हें उसके अनुसार प्रशिक्षित किया जायेगा.
  • दूसरा ट्रैक एम्बेडेड एप्रेंटिसशिप है, जिसमें मौजूदा कार्यक्रमों को बीए, बीएससी या बीकॉम कोर्सेज में पुनः मिला दिया जायेगा. साथ ही इसमें न केवल शैक्षिक इनपुट एवं व्यवसायिक इनपुट को शामिल किया जायेगा बल्कि इसमें कौशल की आवश्यकता के आधार पर उन छात्रों को 6 से 10 महीने तक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी.
  • अंतिम ट्रैक में श्रम और रोजगार मंत्रालय के राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल को उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ जोड़ा जायेगा.

श्रेयस योजना के लिए योग्यता एवं आवश्यक दस्तावेज (Eligibility and Necessary Documents For SHREYAS Scheme)

  • देश का निवासी :- छात्रों के लिए भारत का कानूनी रूप से नागरिक होना आवश्यक है. यह साबित करने के लिए उनके पास अपना सम्बंधित मतदाता और आधार कार्ड होना चाहिए.
  • एक छात्र होना चाहिए :- इस योजना के लिए आवेदक एक छात्र ही हो सकता है फिर चाहे वह देश के किसी भी सरकारी या निजी कॉलेज में अध्ययन कर रहा हो. इस कार्यक्रम के तहत लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
  • केवल नॉन – टेक्निकल क्षेत्र के छात्रों के लिए :- यह योजना उन छात्रों के विकास के लिए लागू की गई है जो नॉन – टेक्निकल क्षेत्र में अध्ययन कर रहे हैं. जैसे कि केवल बीए, बीएससी और बीकॉम में ग्रेजुएशन करने वाले छात्र ही इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
  • पास आउट का वर्ष :- केवल वे छात्र जो अप्रैल – मई 2019 से कॉलेज से पास आउट होंगे, इस योजना के लिए नामांकन कर सकते हैं. इसलिए आवेदकों को रजिस्ट्रेशन करते वक्त अपना कॉलेज पास करने के प्रमाण पत्र की कॉपी फॉर्म के साथ अटैच करनी होगी.
  • पर्याप्त शैक्षणिक डिग्री :- इस योजना का लाभ केवल उन छात्रों को प्राप्त हो सकता है जिनके पास आवश्यक शैक्षिक और अन्य कौशल हो, जो ट्रेनी प्रोफाइल से मेल खाता हो. एवं इस संबंध में प्रशिक्षण देने वाले का निर्णय ही अंतिम माना जायेगा.  

श्रेयस योजना के लिए आवेदन फॉर्म एवं आवेदन प्रक्रिया (Application Form and Application Process For SHREYAS Scheme)

  • सभी इच्छा रखने वाले आवेदकों को शिक्षा और स्टाइपेंड स्कूल के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए सबसे पहले योजना के अधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, जोकि जल्द ही जारी किया जायेगा.
  • इससे पहले कि छात्र आवेदन करे शैक्षिक संस्थान की यह जिम्मेदारी होगी कि वे इस कार्यक्रम के तहत खुद को रजिस्टर करें.
  • इसके लिए संस्थानों को इसके अधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, और उन कोर्सेज और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को हाईलाइट करना होगा, जिनमे वे रुचि रखते हैं.
  • फिर छात्र वैकेंसियों के अनुसार अपनी प्रोफाइल को मैच कर सकेंगे, और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर आवेदन कर सकेंगे.
  • जब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो आप इसकी रिसिप्ट प्राप्त कर अपने रजिस्ट्रेशन की पुष्टि कर सकते हैं.

श्रेयस योजना का संचालन (Operation of The SHREYAS Scheme)

इस प्राथमिक योजना का संचालन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय एवं श्रम और रोजगार मंत्रालय के साथ मिलकर किया जायेगा. यह ऑपरेशन कैसे किया जायेगा यह जानकारी इस प्रकार है –

  • सेक्टर स्किल काउंसिल यानि एसएससी द्वारा 100 से अधिक ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहाँ छात्र शिक्षा के अवसर प्राप्त कर सकेंगे, वे अपने प्लेसमेंट सेल्स की मदद से सम्बंधित कॉलेजों के साथ उन उद्योगों की पहचान करेंगे जहाँ प्रशिक्षण दिया जाएगा.
  • उच्च शैक्षणिक संसथान श्रेयस पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं, और कौशल क्षेत्रों में अपनी रूचि व्यक्त कर सकते हैं, इसके साथ ही अपेक्षित छात्र भी इसका विकल्प चुन सकते हैं.
  • उनके द्वारा की गई मांग की जाँच की जाएगी और जोकि सम्बंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा की जाएगी. इसके बाद वे ही पोर्टल पर जो पद उपलब्ध होंगे उसकी सत्यापन करेंगे. इस सत्यापन के आधार पर ही उच्च शिक्षा संसथान द्वारा श्रेयस पोर्टल पर छात्रों के नाम अपलोड किये जायेंगे.
  • इसके बाद एनएपीएस उद्योग और छात्र के बीच कॉन्ट्रैक्ट जनरेट करेगा. और फिर मासिक स्टाइपेंड का भुगतान उद्योग द्वारा किया जायेगा, और इसमें से 25 % यानि लगभग प्रतिमाह अधिकतम 1,500 रूपये एनएपीएस पोर्टल द्वारा अदा किये जायेंगे.
  • फिर एसएससी द्वारा प्रोग्रेस की निगरानी की जाएगी और प्रशिक्षण अवधि के अंत में परीक्षा आयोजित होगी जो छात्र इसमें सफल होंगे उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा. ये प्रमाण पत्र रोजगार प्राप्त करने के लिए पूरे भारत में मान्य होंगे.   

इस तरह से इस योजना का संचालन किया जायेगा, और लोगों को रोजगार के अच्छे विकल्प प्राप्त हो सकेंगे. और इससे वे अपनी अजीविका भी सुचारू रूप से चला सकेंगे.

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One comment

  1. Sir maine shreyas yojna me apna registration kiya hua hai lekin mera mobile no galat ho chuka hai to kay kare koi upay bataye

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