मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना : शहरी अकुशल श्रमिकों को सरकार दे रही है 100 दिन रोजगार गारंटी, जॉब कार्ड बनवाने के लिए जाने प्रक्रिया

मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना 2020 (श्रमिक – शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार) (जॉब कार्ड गारंटी, आवेदन फॉर्म, पंजीयन, पात्रता) Jharkhand SHRAMIK (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar, Urban Poor)

कोरोना काल में लाखों मजदूर बड़े शहरों से अपने अपने गाँव शहर पलायन कर रहे है. ऐसे में उन श्रमिकों को उनके ही आस पास नौकरी प्रदान करना, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के द्वारा कुशल अकुशल दोनों को ही काम दिया जा रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्र में रहने वाले अभी भी इस तरह की योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे. झारखण्ड सरकार ने शहरी क्षेत्र में लौट कर आये प्रवासी मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना शुरू की है. सरकार ने यह भी कहा है कि अगर किसी मजदूर को किसी वजह से रोजगार नहीं मिल पायेगा तो उसे सरकार द्वारा आगे चलकर बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा. चलिए इस योजना की पूरी जानकारी विस्तार से देखते है –

jharkhand-mukhyamantri-shramik-job-card Shahri Rozgar

नाममुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना

(श्रमिक – शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार)

कहाँ की हैझारखण्ड
किसने शुरू कीमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
लाभार्थीशहरी मजदूर
जॉब गारंटी100 दिन
विभागनगर विकास एवं आवास विभाग

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मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना की मुख्य बातें –

  • योजना का उद्देश्य – शहरी क्षेत्र में रहने वाले अकुशल मजदूर को रोजगार देना ताकि वे अपनी आजीविका अच्छे से चला सके. श्रमिकों को रोजगार के लिए दुसरे प्रदेश न जाना पड़ें, उन्हें अपने वार्ड क्षेत्र में ही आसानी से काम मिल जाये.
  • 100 दिन रोजगार गारंटी – सरकार ऐसे अकुशल मजदूर को जो शहरी क्षेत्र में है, उन्हें 100 दिन की रोजगार की गारंटी दे रही है. यह योजना मनरेगा योजना की तरह लोगों को एक साल में 100 दिन का काम देगी.
  • जॉब कार्ड – जैसे मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को जॉब कार्ड मिलते है, वैसे ही शहरी श्रमिक योजना के तहत झारखण्ड में मजदूरों को जॉब कार्ड दिए जायेंगें. सरकार हर पंजीकृत मजदूर को उसके नाम का जॉब कार्ड बनवा कर देगी, जिसमे उसके काम का पूरा ब्यौरा होगा.
  • विभाग – इसकी ज़िम्मेदारी नगर विकास एवं आवास विभाग की होगी. विभाग ने इस योजना का काम तीव्र गति से शुरू कर दिया है.
  • बेरोजगारी भत्ता – अगर को श्रमिक इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करवाता है, और उसे 15 दिन तक अगर कोई रोजगार नहीं मिलता है तो उसे सरकार बेरोजगारी भत्ता प्रदान करेगी.
  • भत्ता राशी – मजदूरों को पहले महीने भत्ता के रूप में न्यूनतम मजदूरी का एक चौथाई भाग दे दिया जायेगा. 60 दिन हो जाने के बाद आधी मजदूर उसे दे दी जाएगी. फिर पुरे 100 दिन हो जाने के बाद श्रमिक को पुरे 100 दिन की मजदूरी भत्ता के रूप में प्राप्त हो जाएगी.
  • बैंक खाता में ट्रान्सफर – बेरोजगारी भत्ता श्रमिक के बैंक खाते में सीधे 15 दिन के अंदर ट्रान्सफर होगी.
  • कार्यस्थल पर सुविधा – शहरी क्षेत्र में चल रही विभिन्न विभागों द्वारा विकास के जो कार्यक्रम चल रहे है, वहां सरकार को स्थानीय मजदूर को रोजगार देना अनिवार्य होगा. जहाँ भी मजदूरों को काम पर रखा जायेगा वहां विभाग को ये ध्यान रखना होगा कि मजदूरों को कोई परेशानी न हो. वहां शुद्ध साफ़ पीने का पानी, फर्स्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है. इसके साथ ही अगर कार्यस्थल पर महिलाएं काम कर रही है तो उनके बच्चों को रखने की भी सुविधा होगी. ताकि वे आराम से बिना किसी परेशानी के काम कर सकें.

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मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना पात्रता –

  • योजना के अंतर्गत उन्हीं श्रमिक को काम दिया जायेगा, जिनकी उम्र कम से कम 18 वर्ष है.
  • श्रमिक 1 अप्रैल 2015 से शहर में रह रहा होगा.
  • अगर श्रमिक के पास पहले से मनरेगा जॉब कार्ड है तो उसे इस मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
  • झारखण्ड का निवासी
  • योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक के पास उसके नाम का बैंक खाता होना अनिवार्य है, जो आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए.
  • आधार कार्ड

मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना दस्तावेज –

  • बैंक पासबुक जानकारी
  • आधार कार्ड
  • उम्र की जानकारी का प्रूफ
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र

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मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना आवेदन प्रक्रिया –

झारखण्ड सरकार मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक रोजगार योजना के लिए एक सरकारी पोर्टल लांच करेगी. जिसमें सभी योग्य श्रमिक आवेदन कर सकेंगें, और पंजीयन के पश्चात् उन्हें जॉब कार्ड दिया जायेगा. अभी सरकार ने निचले स्तर पर योजना की जानकारी दी है, जैसे इसकी पूरी रुपरेखा तैयार हो जाएगी, सरकार इसका पोर्टल भी लांच कर देगी, जिसके द्वारा सभी पात्र मजदूर आवेदन कर रोजगार प्राप्त कर सकेंगें.

शहरी क्षेत्र में मजदूरों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए योजना की शुरुवात हुई है. योजना के अंतर्गत गारंटी रोजगार मिलेगा, जिससे श्रमिकों को यहाँ वहां भटकना नहीं पड़ेगा. इस योजना का काम ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाली मनरेगा योजना की तरह ही होगा.

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